अज़-ज़ारियात · 9/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ारियात
يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ ۝٩
Yu`faku `anhu man ufik
📖 हिंदी अर्थ
कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُؤْفَكُ: बहकाया जाता है, फेर दिया जाता है।
  • عَنْهُ: उससे (अर्थात क़ुरआन और रसूल ﷺ से)।
  • مَنْ أُفِكَ: वह व्यक्ति जो (अल्लाह के ज्ञान में) पहले ही सत्य से फेर दिया गया हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने आसमान की क़सम खाकर फ़रमाया कि ऐ झुठलाने वालों! तुम लोग इस क़ुरआन और रसूल ﷺ के बारे में उलझन और विरोधाभास में पड़े हो। यह आयत बताती है कि जो व्यक्ति सत्य से फेर दिया जाता है, वह अल्लाह के ज्ञान में पहले से ही ऐसा ठहर चुका होता है कि वह ईमान नहीं लाएगा। उसकी अपनी हठधर्मिता और अहंकार के कारण अल्लाह उसे हिदायत की तौफ़ीक़ नहीं देता, और वह क़ुरआन और रसूल ﷺ की ओर से फेर दिया जाता है।

यह अल्लाह की सुन्नत (व्यवस्था) है कि जो व्यक्ति अल्लाह की आयतों और स्पष्ट प्रमाणों से मुँह मोड़ता है, अल्लाह उसे उसके हाल पर छोड़ देता है और वह सत्य को समझने की तौफ़ीक़ से महरूम रहता है। यह उस व्यक्ति के लिए अल्लाह की ओर से एक सज़ा है जो हक़ के सामने अकड़ता है और अपनी ग़लत राय पर अड़ा रहता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि हिदायत अल्लाह के हाथ में है, और वह उसे देता है जो सच्चे दिल से सत्य की तलाश करता है। जो व्यक्ति अल्लाह की निशानियों पर ग़ौर करता है और अपने अहंकार को छोड़कर हक़ के सामने झुक जाता है, अल्लाह उसके दिल को खोल देता है और उसे ईमान की मिठास चखाता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को अहंकार और हठधर्मिता से पाक रखें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो इंसान को सत्य से दूर कर देती है। अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे, और हमें उन लोगों में से न बनाए जो हक़ से फेर दिए गए।



📜 आयत 7-11 — सूरा अज़-ज़ारियात

7وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْحُبُكِ
और आसमान की क़सम जिसमें रहते हैं
8إِنَّكُمْ لَفِي قَوْلٍ مُّخْتَلِفٍ
कि (ऐ अहले मक्का) तुम लोग एक ऐसी मुख्तलिफ़ बेजोड़ बात में पड़े हो
9يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ
कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)
10قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ
जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों
11الَّذِينَ هُمْ فِي غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि जज़ा का दिन कब होगा
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
60आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 9

सूरा अज़-ज़ारियात आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)

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Thursday, October 1, 2026

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