अन-नज्म · 42/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنتَهَىٰ ۝٤٢
Wa anna ilaa rabbikal muntahaa
📖 हिंदी अर्थ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْمُنتَهَىٰ: अंत, समाप्ति, वापसी का स्थान, यानी हर चीज़ का अंतिम पड़ाव।

व्याख्या:

हे नबी! यह भी सत्य है कि सभी प्राणियों का अंतिम पड़ाव और वापसी तुम्हारे रब की ओर ही है। मृत्यु के बाद हर इंसान, चाहे वह किसी भी हालत में हो, उसे अपने रब के सामने हाज़िर होना है। यही वह मुकाम है जहाँ हर अच्छे और बुरे कर्म का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। कोई भी कर्म छोटा या बड़ा नहीं, जो उस दिन सामने नहीं लाया जाएगा। यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी का कोई अंत नहीं है, बल्कि असली जीवन आख़िरत का है। जो इंसान यह समझ ले कि उसे एक दिन अपने रब के सामने जाना है, वह कभी गुनाहों में मुब्तिला नहीं होगा और न ही दुनिया की चमक-दमक में खोकर अपने असली मक़सद को भूल पाएगा। यही वह पड़ाव है जहाँ हर इंसान को अपने अमल का नतीजा मिलेगा — नेकी का अच्छा बदला और बुराई का बुरा अंजाम। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इसी हक़ीक़त के मुताबिक़ ढालें, क्योंकि यही वह सच्चाई है जो हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देती है। जो लोग इस पर यक़ीन रखते हैं, वे दुनिया में भी इत्मीनान से रहते हैं और आख़िरत में भी कामयाब होते हैं। याद रखो, यह वापसी हर हाल में होनी है, फिर चाहे इंसान उसे माने या न माने।



📜 आयत 40-44 — सूरा अन-नज्म

40وَأَنَّ سَعْيَهُ سَوْفَ يُرَىٰ
और ये कि उनकी कोशिश अनक़रीेब ही (क़यामत में) देखी जाएगी
41ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
42وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنتَهَىٰ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है
43وَأَنَّهُ هُوَ أَضْحَكَ وَأَبْكَىٰ
और ये कि वही हँसाता और रूलाता है
44وَأَنَّهُ هُوَ أَمَاتَ وَأَحْيَا
और ये कि वही मारता और जिलाता है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
42आयत

अनुवाद — अन-नज्म 42

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Saturday, October 3, 2026

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