Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمُنتَهَىٰ: अंत, समाप्ति, वापसी का स्थान, यानी हर चीज़ का अंतिम पड़ाव।
व्याख्या:
हे नबी! यह भी सत्य है कि सभी प्राणियों का अंतिम पड़ाव और वापसी तुम्हारे रब की ओर ही है। मृत्यु के बाद हर इंसान, चाहे वह किसी भी हालत में हो, उसे अपने रब के सामने हाज़िर होना है। यही वह मुकाम है जहाँ हर अच्छे और बुरे कर्म का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। कोई भी कर्म छोटा या बड़ा नहीं, जो उस दिन सामने नहीं लाया जाएगा। यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी का कोई अंत नहीं है, बल्कि असली जीवन आख़िरत का है। जो इंसान यह समझ ले कि उसे एक दिन अपने रब के सामने जाना है, वह कभी गुनाहों में मुब्तिला नहीं होगा और न ही दुनिया की चमक-दमक में खोकर अपने असली मक़सद को भूल पाएगा। यही वह पड़ाव है जहाँ हर इंसान को अपने अमल का नतीजा मिलेगा — नेकी का अच्छा बदला और बुराई का बुरा अंजाम। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इसी हक़ीक़त के मुताबिक़ ढालें, क्योंकि यही वह सच्चाई है जो हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देती है। जो लोग इस पर यक़ीन रखते हैं, वे दुनिया में भी इत्मीनान से रहते हैं और आख़िरत में भी कामयाब होते हैं। याद रखो, यह वापसी हर हाल में होनी है, फिर चाहे इंसान उसे माने या न माने।
📜 आयत 40-44 — सूरा अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 42
सूरा अन-नज्म आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास…सूरा आयत 42/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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