अन-नज्म · 41/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ ۝٤١
Summa yujzaahul jazaaa `al awfaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُجْزَاهُ: उसे बदला दिया जाएगा।
  • الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ: पूरा और अधूरा न छोड़ा गया बदला, जो उसके सारे अच्छे और बुरे कर्मों के अनुरूप हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इंसान जो भी कर्म करता है—चाहे वह नेक हो या बुरा, छोटा हो या बड़ा—उसका पूरा-पूरा हिसाब रखा जाता है। फिर क़ियामत के दिन उसे उसके सारे कर्मों का बदला दिया जाएगा, जो न तो कम किया जाएगा और न ही उसमें कोई कमी रखी जाएगी। यह बदला उसके किए हुए हर अच्छे और बुरे काम के अनुसार पूरा और मुकम्मल होगा। यह अल्लाह का न्याय और उसकी रहमत है कि वह अपने बंदों के साथ ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि उनके कर्मों का सही-सही बदला देता है।

यह आयत हमें यह सिखाती है कि दुनिया में किया गया हर काम बेकार नहीं जाता। अल्लाह के पास हर चीज़ का रिकॉर्ड है, और वह अपने बंदों को उनके कर्मों का फल ज़रूर देगा। यह बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि अगर उसने अच्छाई की है, तो उसका अच्छा बदला उसे मिलेगा, चाहे दुनिया में उसे पहचाना न गया हो। और यही बात गुनाहगार के लिए डर की बात है कि उसका हर बुरा काम भी छिपा नहीं रहेगा।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी के हर लम्हे को संभालकर चलें। नेक काम करते रहें, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो, क्योंकि अल्लाह के पास उसकी क़द्र है। और बुरे कामों से बचें, क्योंकि उनका बदला भी पूरा मिलेगा। यह अल्लाह की रहमत और उसका इंसाफ़ है कि उसने हमें आगाह किया और हमें सीधा रास्ता दिखाया। हमें चाहिए कि हम अपने रब की इस नेमत का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएं, ताकि उस दिन हमें वह पूरा बदला मिले जो हमेशा की खुशी और कामयाबी का ज़रिया बने।



📜 आयत 39-43 — सूरा अन-नज्म

39وَأَن لَّيْسَ لِلْإِنسَانِ إِلَّا مَا سَعَىٰ
और ये कि इन्सान को वही मिलता है जिसकी वह कोशिश करता है
40وَأَنَّ سَعْيَهُ سَوْفَ يُرَىٰ
और ये कि उनकी कोशिश अनक़रीेब ही (क़यामत में) देखी जाएगी
41ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
42وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنتَهَىٰ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है
43وَأَنَّهُ هُوَ أَضْحَكَ وَأَبْكَىٰ
और ये कि वही हँसाता और रूलाता है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
41आयत

अनुवाद — अन-नज्म 41

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Tuesday, September 29, 2026

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