अन-नज्म · 43/62
अनुवाद उच्चारण — अन-नज्म
وَأَنَّهُ هُوَ أَضْحَكَ وَأَبْكَىٰ ۝٤٣
Wa annahoo huwa adhaka wa abkaa
📖 हिंदी अर्थ
और ये कि वही हँसाता और रूलाता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَضْحَكَ: हँसाया, खुश किया।
  • أَبْكَى: रुलाया, दुखी किया।

तफ़सीर:

यह आयत अल्लाह तआला की उस क़ुदरत और इख़्तियार को बयान करती है जो उसके सिवा किसी और को हासिल नहीं। अल्लाह ही वह ज़ात है जो जिसे चाहता है हँसाता है और जिसे चाहता है रुलाता है। यानी खुशी और ग़म, हँसी और आँसू, सब कुछ उसी के हाथ में है। वही दिलों को खुशी से भर देता है और वही उन्हें ग़म में डुबो देता है। यह कोई इत्तिफ़ाक़ या क़ुदरत का खेल नहीं, बल्कि अल्लाह की मर्ज़ी और हिकमत से होता है।

इस आयत में हँसी और रोने का ज़िक्र इसलिए किया गया क्योंकि ये दोनों चीज़ें इंसान की ज़िंदगी की सबसे बड़ी और ज़ाहिर निशानियाँ हैं। हँसी इंसान की खुशी और राहत की दलील है, और रोना उसके दर्द और उदासी की अलामत। यानी अल्लाह ने इन दोनों हालतों को अपने इख़्तियार में रखा है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। जो लोग उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं, वह उन्हें खुशियाँ देता है, और जो उसकी नाफ़रमानी करते हैं, उनके लिए दुख और अफ़सोस का सामान करता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान की ज़िंदगी में जो भी खुशी या ग़म आता है, वह अल्लाह ही की तरफ़ से है। इसलिए हमें खुशी में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और ग़म में सब्र करना चाहिए। यही इंसान का इम्तिहान है। जो शख्स इस हक़ीक़त को समझ लेता है, वह कभी अल्लाह के फैसलों पर ऐतराज़ नहीं करता, बल्कि हर हाल में उसी की तरफ़ रुजू करता है। यह ईमान की निशानी है कि बंदा यक़ीन रखे कि हँसी और आँसू दोनों अल्लाह के हाथ में हैं, और वही सबसे बड़ा मालिक और मेहरबान है।

यह आयत हमें अल्लाह की तरफ़ रग़बत दिलाती है कि हम उससे खुशियों की दुआ करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें, क्योंकि वही है जो दिलों को सुकून देता है और आँखों को ठंडक अता करता है। उसकी रहमत से ही दिल को राहत मिलती है और उसकी नाराज़गी से ही दिल तंग होता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी हर हालत में अल्लाह को याद करें, उसी से माँगें और उसी की तारीफ़ करें।

🎧 सुनें

📜 आयत 41-45 — अन-नज्म

41ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
42وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنتَهَىٰ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है
43وَأَنَّهُ هُوَ أَضْحَكَ وَأَبْكَىٰ
और ये कि वही हँसाता और रूलाता है
44وَأَنَّهُ هُوَ أَمَاتَ وَأَحْيَا
और ये कि वही मारता और जिलाता है
45وَأَنَّهُ خَلَقَ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
और ये कि वही नर और मादा दो किस्म (के हैवान) नुत्फे से जब (रहम में) डाला जाता है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीRevelation
43आयत

अनुवाद — अन-नज्म 43

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सूरा आयत 43/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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