Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُسُكِي (मेरी नुसुक): मेरी क़ुर्बानी, अर्थात वह जानवर जो अल्लाह के नाम पर हज और उमराह में ज़बह किया जाता है।
- مَحْيَايَ (मेरा जीवन): मेरी ज़िंदगी और उसके सभी कार्य।
- مَمَاتِي (मेरी मृत्यु): मेरा मरना और उसके बाद की स्थिति।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि मेरी नमाज़, मेरी क़ुर्बानी, मेरा जीना और मेरा मरना — यह सब कुछ विशेष रूप से अल्लाह के लिए है, जो सारे जहानों का पालनहार है। मैं अपनी नमाज़ में केवल उसी की इबादत करता हूँ, उसी के आगे सिर झुकाता हूँ और उसी से मदद माँगता हूँ। मेरी क़ुर्बानी भी केवल उसी के नाम पर होती है, न कि किसी बुत, किसी मृत व्यक्ति, किसी जिन्न या किसी और के नाम पर — जैसा कि तुम लोग करते हो। मेरी पूरी ज़िंदगी उसी की आज्ञा के अनुसार चलती है, और मेरी मृत्यु भी उसी के हाथ में है; वही मुझे जीवन देता है और वही मुझे मौत देता है। मेरे जीवन का हर पल, मेरा हर कर्म, मेरी हर इबादत — सब कुछ उसी के लिए समर्पित है। उसके सिवा किसी और का इसमें कोई हिस्सा नहीं है।
फ़ायदे:
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि एक सच्चे मुसलमान की पहचान यह है कि उसका पूरा जीवन — चाहे वह इबादत हो, काम-धंधा हो, खाना-पीना हो या सोना-जागना — सब कुछ अल्लाह के लिए हो। यही ईमान की असली मिठास है।
- क़ुर्बानी (बलिदान) केवल अल्लाह के नाम पर ही जायज़ है। किसी और के नाम पर ज़बह करना शिर्क है और यह इस्लाम की रूह के खिलाफ है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि मौत से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसे भी अल्लाह की राह में एक क़दम समझना चाहिए। जो व्यक्ति अपनी ज़िंदगी अल्लाह के लिए जीता है, उसकी मौत भी अल्लाह के लिए होती है और यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
- इस आयत में "رَبِّ الْعَالَمِينَ" (सारे जहानों का पालनहार) कहकर यह बताया गया है कि अल्लाह की रुबूबियत (पालनहारी) हर चीज़ पर है — इसलिए उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी से जुड़े रहना चाहिए।
📜 आयत 160-164 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 162
सूरा अल-अनआम आयत 162 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उन लोगों से कह दो कि मेरी…सूरा आयत 162/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 160–164. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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