Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَلَكُوتَ: राज्य, सत्ता और प्रभुत्व। यहाँ इसका अर्थ है आकाशों और धरती का विशाल राज्य और उनमें मौजूद सारी चीज़ें जो अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) और रबूबियत (पालनहार होने) की दलील हैं।
- الْمُوقِنِينَ: यक़ीन रखने वाले, वे लोग जिनके दिलों में किसी चीज़ के बारे में कोई शक न हो, बल्कि पूरा विश्वास और पक्का ज्ञान हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस तरह हमने इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को उनके पिता और उनकी क़ौम की गुमराही से सत्य का रास्ता दिखाया और उन्हें सच्ची समझ अता की, उसी तरह हम उन्हें आकाशों और धरती का विशाल राज्य और उनमें मौजूद अजीबो-ग़रीब मख़लूक़ात (प्राणियों) और निशानियाँ दिखाते हैं। यह सब कुछ उन्हें इसलिए दिखाया गया ताकि वे इन चीज़ों को देखकर अल्लाह की वहदानियत (एकता) और उसकी क़ुदरत पर ग़ौर करें, और यह समझें कि यह सारा निज़ाम एक ही क़ादिर (सक्षम) और हकीम (बुद्धिमान) का बनाया हुआ है। इस नज़ारे ने उनके दिल में यक़ीन की वह मंज़िल पैदा कर दी जिसमें किसी तरह का शक या संदेह नहीं रहा। वे उन लोगों में से हो गए जो अल्लाह की एकता और उसकी हर चीज़ पर क़ुदरत पर पूरा यक़ीन रखते हैं, और यह यक़ीन सिर्फ़ दिमाग़ी दलीलों से नहीं, बल्कि आँखों से देखकर और दिल से महसूस करके हासिल हुआ।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह की बनाई हुई मख़लूक़ात पर ग़ौर और फ़िक्र करना ईमान को मज़बूत करता है। जब इंसान आसमान, ज़मीन, सितारों और जानवरों को देखता है, तो उसका दिल अल्लाह की अज़मत (महानता) के सामने झुक जाता है।
- यक़ीन (पक्का विश्वास) सिर्फ़ सुनने से नहीं, बल्कि देखने, समझने और ग़ौर करने से पैदा होता है। इसलिए हमें भी अल्लाह की निशानियों पर ध्यान देना चाहिए।
- अल्लाह अपने नेक बंदों को विशेष समझ और मार्फ़त (पहचान) अता करता है, जिससे वे दुनिया की हक़ीक़त को समझ पाते हैं और गुमराही से बचे रहते हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान वही है जो दिल की गहराई तक पहुँचे और इंसान के अंदर अल्लाह की महानता का एहसास पैदा करे, न कि सिर्फ़ ज़ुबानी इक़रार (मौखिक स्वीकारोक्ति) हो।
📜 आयत 73-77 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 75
सूरा अल-अनआम आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जिस तरह हमने इबराहीम को दिखाया था कि बुत…सूरा आयत 75/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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