अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصَّرِيم (अस-सरीम): इसका अर्थ है कटा हुआ, काला और उजाड़। यह उस बगीचे का वर्णन है जो जलकर बिल्कुल काला और बेकार हो गया, जैसे रात का अंधेरा या ऐसी चीज़ जो जड़ से काट दी गई हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब उन बगीचे वालों ने अपनी कंजूसी और लालच की वजह से यह ठाना कि वे गरीबों और ज़रूरतमंदों को कुछ नहीं देंगे और सुबह होते ही फल तोड़ लेंगे, तो अल्लाह तआला ने उनकी इस बुरी नीयत की सज़ा दी। रात में ही, जब वे सो रहे थे, अल्लाह ने उनके बगीचे पर आग भेज दी जिसने पूरे बगीचे को जलाकर राख कर दिया। जब वे सुबह उठे, तो वह हरा-भरा बगीचा काली, जली हुई और उजाड़ ज़मीन में बदल चुका था — बिल्कुल अंधेरी रात की तरह या ऐसी ज़मीन की तरह जिससे हर चीज़ काट ली गई हो। उनका सारा श्रम, उनकी सारी योजनाएँ और उनकी उम्मीदें एक पल में तबाह हो गईं।
यह घटना हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है। अल्लाह तआला रिज़्क़ देने वाला है, और जो लोग अपने माल में अल्लाह का हक़ (ज़कात, सदक़ा) नहीं निकालते और दूसरों की मदद से मुँह मोड़ते हैं, वे अल्लाह की पकड़ से नहीं बच सकते। याद रखिए, अल्लाह का दिया हुआ धन एक अमानत है, और उसमें ग़रीबों और मिस्कीनों का हक़ है। जो लोग इस हक़ को अदा करते हैं, अल्लाह उनके रिज़्क़ में बरकत देता है और उन्हें और भी नेमतें प्रदान करता है। लेकिन जो लोग कंजूसी करते हैं और अल्लाह के हुक्म से मुँह मोड़ते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
इस क़िस्से से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने माल में अल्लाह का हक़ निकालना चाहिए, दूसरों की मदद करनी चाहिए और अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करना चाहिए। अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो दानशील और नेक हैं, और वह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 18-22 — अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 20
सूरा अल-क़लम आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो वह (सारा बाग़ जलकर) ऐसा हो गया जैसे बहुत…सूरा आयत 20/52 — अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़लम सुनें, अल-क़लम अनुवाद, अल-क़लम mp3, अल-क़लम pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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