अल-क़लम · 21/52
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़लम
فَتَنَادَوْا مُصْبِحِينَ ۝٢١
Fatanaadaw musbiheen
📖 हिंदी अर्थ
फिर ये लोग नूर के तड़के लगे बाहम गुल मचाने

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَتَنَادَوْا: उन्होंने एक-दूसरे को पुकारा।
  • مُصْبِحِينَ: सुबह होते ही, सुबह के समय।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब उन बाग़ वालों ने रात में यह क़सम खाई कि सुबह होते ही वे फल तोड़ लेंगे और किसी ग़रीब या ज़रूरतमंद को उसमें हिस्सेदार नहीं बनाएँगे, तो अल्लाह ने उनकी इस बुरी योजना पर उन्हें सज़ा देने का फ़ैसला किया। जब सुबह हुई, तो उन्होंने एक-दूसरे को आवाज़ दी और कहा: "अगर तुम्हें फल तोड़ने हैं, तो अपने खेत की ओर सुबह-सुबह चलो।" वे इसलिए जल्दी जा रहे थे ताकि कोई ग़रीब या मिस्कीन उन्हें देख न सके और वे अपनी कंजूसी और लालच को पूरा कर सकें।

यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान की बुरी नीयत और लालच उसे अल्लाह की रहमत से दूर कर देती है। ये लोग अपने बाग़ को अपनी मेहनत की कमाई समझते थे, लेकिन भूल गए कि असली मालिक तो अल्लाह है। जब इंसान अल्लाह के दिए हुए रिज़्क़ में दूसरों का हक़ नहीं देता, तो अल्लाह उसकी नेमत को ख़त्म कर सकता है।

इस क़िस्से से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में हमेशा अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और अपने माल में ग़रीबों और ज़रूरतमंदों का हक़ निकालना चाहिए। जो लोग अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, अल्लाह उनकी बरकत में इज़ाफ़ा करता है, और जो लोग बुख़्ल (कंजूसी) करते हैं, वे अक्सर अपनी ही नेमतों से हाथ धो बैठते हैं। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उन्हीं पर होती है जो दूसरों के काम आते हैं और अपने माल में अल्लाह का हक़ अदा करते हैं।



📜 आयत 19-23 — सूरा अल-क़लम

19فَطَافَ عَلَيْهَا طَائِفٌ مِّن رَّبِّكَ وَهُمْ نَائِمُونَ
तो ये लोग पड़े सो ही रहे थे कि तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (रातों रात) एक बला चक्कर लगा गयी
20فَأَصْبَحَتْ كَالصَّرِيمِ
तो वह (सारा बाग़ जलकर) ऐसा हो गया जैसे बहुत काली रात
21فَتَنَادَوْا مُصْبِحِينَ
फिर ये लोग नूर के तड़के लगे बाहम गुल मचाने
22أَنِ اغْدُوا عَلَىٰ حَرْثِكُمْ إِن كُنتُمْ صَارِمِينَ
कि अगर तुमको फल तोड़ना है तो अपने बाग़ में सवेरे से चलो
23فَانطَلَقُوا وَهُمْ يَتَخَافَتُونَ
ग़रज़ वह लोग चले और आपस में चुपके चुपके कहते जाते थे
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अनुवाद — अल-क़लम 21

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Saturday, October 3, 2026

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