अल-क़लम · 45/52
अनुवाद उच्चारण — अल-क़लम
وَأُمْلِي لَهُمْ ۚ إِنَّ كَيْدِي مَتِينٌ ۝٤٥
Wa umlee lahum; inna kaidee mateen
📖 हिंदी अर्थ
और मैं उनको मोहलत दिये जाता हूँ बेशक मेरी तदबीर मज़बूत है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَأُمْلِي لَهُمْ: मैं उन्हें मोहलत देता हूँ, अर्थात उन्हें ढील देता हूँ और उनकी पकड़ को टालता हूँ।
  • إِنَّ كَيْدِي مَتِينٌ: निस्संदेह मेरी चाल अत्यंत मजबूत और पक्की है, जिसे कोई विफल नहीं कर सकता।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप उन लोगों के मामले को मुझ पर छोड़ दें जो इस क़ुरआन को झुठलाते हैं। उनकी सज़ा और उनसे बदला लेने की ज़िम्मेदारी मेरी है। मैं उन्हें धन-दौलत, संतान और दूसरी नेमतें देता हूँ, लेकिन यह उनके लिए रहमत नहीं, बल्कि एक चालाकी भरा उपाय है। मैं उन्हें मोहलत देता हूँ और उनकी उम्रें लंबी करता हूँ, ताकि वे अपने गुनाहों में और अधिक डूबते जाएँ और उनका अज़ाब और भी बढ़ जाए। यह उनके लिए एक तरह का इस्तिदराज (धीरे-धीरे पकड़) है, जिससे उन्हें यह अहसास नहीं होता कि यह नेमतें उनके विनाश का कारण बन रही हैं। मेरी पकड़ अत्यंत मजबूत है, और मेरी चाल से कोई बच नहीं सकता। मैं उन्हें उनके किए की सज़ा ज़रूर दूँगा, चाहे वे कितनी भी देर तक इस दुनिया में रहें।

दावत और नसीहत का पहलू:

यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक देती है कि अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। जब हम देखते हैं कि कुछ लोग नेमतों में डूबे हुए हैं और उन्हें कोई रोक नहीं रहा, तो हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि उन्हें सज़ा नहीं मिलेगी। बल्कि यह अल्लाह की ओर से उन्हें दी गई मोहलत है, जो उनके लिए और अधिक हानि का कारण बनेगी। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों का सही उपयोग करें और उनका शुक्र अदा करें, न कि उन्हें नाफ़रमानी में बढ़ने का ज़रिया बनाएँ। याद रखें, अल्लाह की चाल बहुत मजबूत है, और वह हर किसी को उसके कर्मों का पूरा बदला देगा। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह की राह पर चलना चाहिए और उसकी नेमतों का सही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि हम उसकी पकड़ से बच सकें और उसकी रहमत के हक़दार बन सकें।



📜 आयत 43-47 — अल-क़लम

43خَاشِعَةً أَبْصَارُهُمْ تَرْهَقُهُمْ ذِلَّةٌ ۖ وَقَدْ كَانُوا يُدْعَوْنَ إِلَى السُّجُودِ وَهُمْ سَالِمُونَ
उनकी ऑंखें झुकी हुई होंगी रूसवाई उन पर छाई होगी और (दुनिया में) ये लोग सजदे के लिए बुलाए जाते और हटटे कटटे तन्दरूस्त थे
44فَذَرْنِي وَمَن يُكَذِّبُ بِهَٰذَا الْحَدِيثِ ۖ سَنَسْتَدْرِجُهُم مِّنْ حَيْثُ لَا يَعْلَمُونَ
तो मुझे उस कलाम के झुठलाने वाले से समझ लेने दो हम उनको आहिस्ता आहिस्ता इस तरह पकड़ लेंगे कि उनको ख़बर भी न होगी
45وَأُمْلِي لَهُمْ ۚ إِنَّ كَيْدِي مَتِينٌ
और मैं उनको मोहलत दिये जाता हूँ बेशक मेरी तदबीर मज़बूत है
46أَمْ تَسْأَلُهُمْ أَجْرًا فَهُم مِّن مَّغْرَمٍ مُّثْقَلُونَ
(ऐ रसूल) क्या तुम उनसे (तबलीग़े रिसालत का) कुछ सिला माँगते हो कि उन पर तावान का बोझ पड़ रहा है
47أَمْ عِندَهُمُ الْغَيْبُ فَهُمْ يَكْتُبُونَ
या उनके इस ग़ैब (की ख़बर) है कि ये लोग लिख लिया करते हैं
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अनुवाद — अल-क़लम 45

सूरा अल-क़लम आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैं उनको मोहलत दिये जाता हूँ बेशक मेरी तदबीर…

सूरा आयत 45/52 — अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़लम सुनें, अल-क़लम अनुवाद, अल-क़लम mp3, अल-क़लम pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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