अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَأَخَذْنَا: हम अवश्य पकड़ लेते (अर्थात दंड देते)
- بِالْيَمِينِ: दाहिने हाथ से, अर्थात शक्ति और सामर्थ्य के साथ
व्याख्या:
यह आयत उस महान सत्य को उजागर करती है कि अल्लाह तआला अपने पैगंबरों की सच्चाई की रक्षा करता है और झूठे दावों को कभी सफल नहीं होने देता। यदि पैगंबर मुहम्मद ﷺ अल्लाह पर कोई ऐसी बात गढ़ लेते जो उन्होंने नहीं कही, तो अल्लाह उन्हें अवश्य पकड़ लेता—अपनी पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ। यहाँ "दाहिने हाथ से पकड़ने" का अर्थ है कि अल्लाह की पकड़ इतनी मजबूत होती कि कोई उससे बच नहीं सकता, क्योंकि शक्ति और ताकत का संबंध दाहिनी ओर से होता है। यह अल्लाह की उस सर्वोच्च शक्ति का वर्णन है जो किसी भी झूठ को बरदाश्त नहीं करती।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने रसूल की सच्चाई की गारंटी देता है। पैगंबर ﷺ की सच्चाई इस बात से साबित है कि उन्होंने कभी अल्लाह पर कोई झूठ नहीं बोला, और अल्लाह ने उन्हें हमेशा सच्चाई पर कायम रखा। यह हमारे लिए एक बड़ी नेमत है कि हमारा दीन सच्चाई पर आधारित है, और इसकी हिफाज़त अल्लाह ने खुद की है।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी सीख है कि हमें हमेशा सच्चाई पर चलना चाहिए, क्योंकि अल्लाह झूठ और धोखे को कभी पनपने नहीं देता। जिस तरह अल्लाह ने अपने नबी की हिफाजत की, उसी तरह वह सच्चे लोगों की मदद करता है और झूठे लोगों को उनके किए की सजा देता है। यह कुरआन उन लोगों के लिए नसीहत है जो अल्लाह से डरते हैं और उसके हुक्मों पर अमल करते हैं—यह उनके लिए रहनुमाई और रहमत है। हमें चाहिए कि हम इस कुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, ताकि हम दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 43-47 — अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 45
सूरा अल-हाक़्का आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हम उनका दाहिना हाथ पकड़ लेतेसूरा आयत 45/52 — अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हाक़्का सुनें, अल-हाक़्का अनुवाद, अल-हाक़्का mp3, अल-हाक़्का pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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