Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاهْبِطْ: नीचे उतरो, उतर जाओ
- مِنْهَا: उस (जन्नत) से
- فَمَا يَكُونُ لَكَ: तुम्हारे लिए उचित नहीं है, तुम्हें अधिकार नहीं है
- أَن تَتَكَبَّرَ: कि तुम घमंड करो, अहंकार करो
- فِيهَا: उस (जन्नत) में
- فَاخْرُجْ: बाहर निकल जाओ
- الصَّاغِرِينَ: अपमानित, दीन, ज़लील लोग
विस्तृत तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इब्लीस को, जब उसने आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने से इनकार कर दिया और घमंड किया, सख्त फरमान सुनाया: "तू जन्नत से नीचे उतर जा!" यह आदेश केवल स्थान से निष्कासन नहीं था, बल्कि यह उसके अहंकार और अवज्ञा का सीधा परिणाम था। अल्लाह ने उसे स्पष्ट कर दिया कि जन्नत उन पवित्र और आज्ञाकारी लोगों का घर है, जो अल्लाह के सामने झुकते हैं और उसकी रज़ा पर चलते हैं। यहाँ घमंड और अहंकार की कोई गुंजाइश नहीं है। जो व्यक्ति अपने रब के सामने भी अकड़ता है, वह इस पवित्र स्थान का हकदार कैसे हो सकता है?
अल्लाह ने फरमाया: "तुझे यह अधिकार नहीं कि तू यहाँ घमंड करे।" यह एक बड़ा सबक है कि जन्नत की राह में सबसे बड़ी रुकावट अहंकार है। जो दिल अल्लाह के आगे झुकता है, वही जन्नत का हकदार है। इब्लीस ने अपने आपको आदम से बेहतर समझा, उसने सोचा कि मैं आग से बना हूँ और आदम मिट्टी से, इसलिए मैं उससे श्रेष्ठ हूँ। यही घमंड उसके पतन का कारण बना। अल्लाह ने उसे ज़लील और अपमानित करके जन्नत से निकाल दिया, और उसे बता दिया कि वह अब उन लोगों में से है जो दीन और हक़ीर हैं।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को अहंकार से पाक रखें, क्योंकि अहंकार वह बीमारी है जिसने इब्लीस को जन्नत से निकाल दिया। अल्लाह के सामने झुकना, उसकी आज्ञा का पालन करना और अपने भाइयों के साथ नम्रता से पेश आना ही सच्ची इज़्ज़त है। जो व्यक्ति अल्लाह के आगे झुकता है, अल्लाह उसे ऊँचा करता है, और जो अकड़ता है, वही ज़लील होता है। याद रखिए, जन्नत उन्हीं के लिए है जो अपने रब के सामने सजदा करते हैं, न कि उनके लिए जो सजदे से इनकार करते हैं। अल्लाह हमें अहंकार से बचाए और हमें अपने आगे झुकने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 11-15 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 13
सूरा अल-आराफ आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसको मिट्टी (ऐसी कशीफ़ अनसर) से पैदा किया ख़ुदा…सूरा आयत 13/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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