अल-आराफ · 14/206
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आराफ
قَالَ أَنظِرْنِي إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ ۝١٤
Qaala anzirneee ilaa Yawmi yub`asoon
📖 हिंदी अर्थ
कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत से) मोहलत दे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَنظِرْنِي: मुझे मोहलत दे, मेरी मृत्यु को टाल दे।
  • يَوْمِ يُبْعَثُونَ: वह दिन जब लोग (क़ब्रों से) उठाए जाएँगे, अर्थात क़ियामत का दिन।

व्याख्या:

जब इबलीस ने आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने से इनकार कर दिया और अल्लाह की रहमत से निराश हो गया, तो उसने अल्लाह से कहा: "मुझे उस दिन तक मोहलत दे जब तक लोग क़ब्रों से नहीं उठाए जाएँगे।" उसका उद्देश्य यह था कि वह बनी आदम को गुमराह करने का अपना काम जारी रख सके। वह मृत्यु से बचना चाहता था, क्योंकि वह जानता था कि क़ियामत के दिन के बाद कोई मृत्यु नहीं होगी। लेकिन अल्लाह ने उसे पूरी मोहलत नहीं दी, बल्कि केवल एक निश्चित समय तक की मोहलत दी, जो पहली सूर (नरसिंगा) फूँके जाने का समय है। उस समय वह भी अन्य प्राणियों की तरह मर जाएगा। यह उसकी मांग थी, और अल्लाह ने उसे केवल एक सीमित अवधि तक ही जीवित रहने दिया।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि शैतान हमारा खुला दुश्मन है और उसने अल्लाह से यह मोहलत सिर्फ इसलिए मांगी थी ताकि वह हमें गुमराह कर सके। इसलिए हमें उसके धोखों से सावधान रहना चाहिए और उसके बहकावे में नहीं आना चाहिए।
  2. अल्लाह की रहमत और उसका फैसला हमेशा बुद्धिमानी पर आधारित होता है। उसने शैतान को पूरी मोहलत नहीं दी, बल्कि एक सीमित समय तक दी, जो उसकी हिकमत का प्रमाण है।
  3. यह आयत हमें याद दिलाती है कि क़ियामत का दिन सच है और सभी लोग उस दिन उठाए जाएँगे। इसलिए हमें अपने जीवन को अल्लाह की आज्ञा के अनुसार बिताना चाहिए और उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए।
  4. शैतान की मोहलत की मांग से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी के हर पल को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा की तलाश में बिताना चाहिए, क्योंकि मृत्यु और क़ियामत का समय हमें मालूम नहीं है।


📜 आयत 12-16 — सूरा अल-आराफ

12قَالَ مَا مَنَعَكَ أَلَّا تَسْجُدَ إِذْ أَمَرْتُكَ ۖ قَالَ أَنَا خَيْرٌ مِّنْهُ خَلَقْتَنِي مِن نَّارٍ وَخَلَقْتَهُ مِن طِينٍ
ख़ुदा ने (शैतान से) फरमाया जब मैनें तुझे हुक्म दिया कि तू फिर तुझे सजदा करने से किसी ने रोका कहने लगा मैं उससे अफ़ज़ल हूँ (क्योंकि) तूने मुझे आग (ऐसे लतीफ अनसर) से पैदा किया
13قَالَ فَاهْبِطْ مِنْهَا فَمَا يَكُونُ لَكَ أَن تَتَكَبَّرَ فِيهَا فَاخْرُجْ إِنَّكَ مِنَ الصَّاغِرِينَ
और उसको मिट्टी (ऐसी कशीफ़ अनसर) से पैदा किया ख़ुदा ने फरमाया (तुझको ये ग़ुरूर है) तो बेहश्त से नीचे उतर जाओ क्योंकि तेरी ये मजाल नहीं कि तू यहाँ रहकर ग़ुरूर करे तो यहाँ से (बाहर) निकल बेशक तू ज़लील लोगों से है
14قَالَ أَنظِرْنِي إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत से) मोहलत दे
15قَالَ إِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ
जिस दिन सारी ख़ुदाई के लोग दुबारा जिलाकर उठा खड़े किये जाएगें
16قَالَ فَبِمَا أَغْوَيْتَنِي لَأَقْعُدَنَّ لَهُمْ صِرَاطَكَ الْمُسْتَقِيمَ
फ़रमाया (अच्छा मंजूर) तुझे ज़रूर मोहलत दी गयी कहने लगा चूँकि तूने मेरी राह मारी तो मैं भी तेरी सीधी राह पर बनी आदम को (गुमराह करने के लिए) ताक में बैठूं तो सही
अल-आराफकुरान सूची
206आयत
मक्कीअवतरण स्थान
14आयत

अनुवाद — अल-आराफ 14

सूरा अल-आराफ आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कहने लगा तो (ख़ैर) हमें उस दिन तक की (मौत…

सूरा आयत 14/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए