अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नَسُوا: यहाँ इसका अर्थ 'त्याग दिया' या 'अनदेखा कर दिया' है, न कि भूल जाना।
- السُّوء: बुराई, अवज्ञा, वह काम जो अल्लाह की नाराज़गी का कारण हो।
- بَئِيس: अत्यंत कठोर, गंभीर और दर्दनाक (आज़ाब)।
- يَفْسُقُونَ: अल्लाह की आज्ञा से बाहर निकलना, अवज्ञा करना और पाप में डटे रहना।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब उस बस्ती के ज़ालिम लोगों ने उस नसीहत को पूरी तरह अनदेखा कर दिया जो उन्हें दी गई थी — यानी शनिवार के दिन मछली पकड़ने से रोका गया था, लेकिन वे अपनी हठधर्मी और उल्लंघन पर अड़े रहे — और उन्होंने उन नसीहत करने वालों की बात न मानी जो उन्हें बुराई से रोक रहे थे, तो अल्लाह ने उन लोगों को नजात (मुक्ति) दी जो बुराई से रोकते थे और अल्लाह की अवज्ञा से बचाते थे। उन्हें उस आज़ाब से बचा लिया गया जो दूसरों पर आया। और जिन लोगों ने ज़ुल्म किया — यानी हद से आगे बढ़कर अल्लाह की मनाही का उल्लंघन किया — उन्हें अल्लाह ने अत्यंत कठोर और दर्दनाक आज़ाब में पकड़ लिया। यह सज़ा उन्हें इसलिए मिली क्योंकि वे लगातार अल्लाह की आज्ञा से बाहर निकल रहे थे, पाप पर अड़े रहे और अपनी शरारत और सरकशी से बाज़ नहीं आए। यह आज़ाब उनके लिए उनके ही कर्मों का परिणाम था — उनके फ़िस्क़ (अवज्ञा) के कारण।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अच्छाई का हुक्म देना और बुराई से रोकना (अम्र बिल-मारूफ़ व नही अनिल-मुनकर) इस्लाम का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। यह केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत का ज़रिया है — जो लोग इस ज़िम्मेदारी को निभाते हैं, अल्लाह उन्हें आज़ाब से बचाता है।
- अल्लाह की सज़ा से कोई नहीं बच सकता, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो। जब अल्लाह किसी क़ौम पर आज़ाब लाता है, तो वह अटल होता है।
- नसीहत सुनना और उस पर अमल करना बहुत ज़रूरी है। नसीहत को अनदेखा करना और हठधर्मी पर अड़े रहना इंसान को तबाही की ओर ले जाता है।
- अल्लाह की मदद उन्हीं के साथ होती है जो सच्चाई पर क़ायम रहते हैं और बुराई से रोकते हैं। भले ही वे अल्पसंख्यक हों, अल्लाह उन्हें हर बुराई से महफ़ूज़ रखता है।
- पाप पर अड़े रहना और उसे छोड़ने से इनकार करना इंसान के दिल को सख्त कर देता है और उसे अल्लाह की रहमत से दूर कर देता है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, इसलिए हमें हमेशा उसकी ओर लौटते रहना चाहिए।
📜 आयत 163-167 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 165
सूरा अल-आराफ आयत 165 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब वह लोग जिस चीज़ की उन्हें नसीहत की…सूरा आयत 165/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 163–167. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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