Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نُفَصِّلُ: हम स्पष्ट करते हैं, विस्तार से बयान करते हैं।
- الْآيَاتِ: निशानियाँ, प्रमाण, शिक्षाप्रद घटनाएँ और दलीलें।
- يَرْجِعُونَ: वे लौट आएँ (अपनी ग़लती से तौबा करके सच्चे मार्ग की ओर)।
तफ़सीर:
जिस प्रकार हमने पिछली उम्मतों के हालात और उनके अंजाम को स्पष्ट रूप से बयान किया, उसी प्रकार हे नबी! हम आपकी क़ौम (कुरैश) के लिए भी अपनी आयतों को विस्तार से स्पष्ट करते हैं। हम उन्हें वे निशानियाँ और सबूत दिखाते हैं जो उन्हें सत्य की ओर मार्गदर्शन करें, और उन्हें उनके उस वादे की याद दिलाते हैं जो उन्होंने अपनी फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) और अक़्ल के आधार पर अपने रब के साथ किया था — कि वे उसे अकेला मानें और उसी की इबादत करें। हमारा यह विस्तृत बयान इसलिए है ताकि वे अपने शिर्क (बहुदेववाद) और कुफ़्र (अविश्वास) से बाज़ आएँ, अपनी ग़लती का एहसास करें, और अपने रब की ओर पलटकर उसकी इबादत और आज्ञाकारिता की ओर लौट आएँ। यह बयान उनके लिए रहमत और हिदायत का ज़रिया है, ताकि वे अंधेरे से निकलकर रोशनी की ओर आएँ।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला अपने बंदों पर बेहद मेहरबान है — वह उन्हें गुमराही में छोड़ने के बजाय लगातार निशानियाँ और सबूत भेजता है ताकि वे सच्चाई समझ सकें।
- क़ुरआन का हर बयान एक दावत है — वह हमें बुलाता है कि हम अपनी ज़िंदगी को देखें, अपनी ग़लतियों से सीखें और अल्लाह की ओर लौटें।
- अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है — चाहे इंसान कितनी भी ग़लती कर ले, जब तक वह सच्चे दिल से लौटे, अल्लाह उसे कबूल करता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने जीवन में अल्लाह की आयतों (क़ुरआन, कुदरत के निशान, और इतिहास के सबक) पर ग़ौर करना चाहिए, क्योंकि यही हमें सीधे रास्ते पर चलने में मदद देती हैं।
- तौबा (पश्चाताप) सबसे बड़ी नेमत है — जो इंसान अपनी ग़लती पर पछताकर अल्लाह की ओर लौटता है, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत डालता है।
📜 आयत 172-176 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 174
सूरा अल-आराफ आयत 174 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम यूँ अपनी आयतों को तफसीलदार बयान करते हैं…सूरा आयत 174/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 172–176. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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