Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِنْ - नहीं है (यहाँ नकार के अर्थ में है)
- هَذَا - यह (कुरआन)
- إِلَّا - सिवाय, केवल
- قَوْلُ الْبَشَرِ - इंसान का कथन, मनुष्य की बात
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत उस घटना की ओर संकेत करती है जब कुरैश के एक प्रमुख सरदार वलीद बिन मुग़ीरा ने कुरआन के बारे में अपनी राय बनाने के लिए गहराई से सोचा। उसने अपने मन में योजना बनाई कि वह पैगंबर मुहम्मद ﷺ और कुरआन के खिलाफ क्या आरोप लगाएगा। उसकी यह सोच और योजना उसे अल्लाह की रहमत से दूर करने का कारण बनी, और वह लानत का पात्र बना। उसने बार-बार सोचा, लेकिन जब उसे कुरआन में कोई दोष नहीं मिला, तो उसने अपना चेहरा बनाया, भौंहें चढ़ाईं और घमंड से मुंह फेर लिया। अंततः उसने कहा: "यह तो सिर्फ इंसान का कथन है।"
इस आयत में अल्लाह तआला उस व्यक्ति की उस बात का उल्लेख कर रहे हैं जो उसने कुरआन के बारे में कही थी। उसने दावा किया कि यह कुरआन अल्लाह का कलाम नहीं, बल्कि एक इंसान का बनाया हुआ कथन है। कुछ रिवायात में आता है कि उसने यह भी कहा कि यह कुरआन "जिब्र" और "यसार" नामक दो ग़ुलामों की बात है, जिनसे पैगंबर ﷺ ने यह सीखा है।
शिक्षाप्रद पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान का दिल अहंकार और हठधर्मिता से भर जाता है, तो वह स्पष्ट सत्य को भी नकार देता है। कुरआन अपनी बेमिसाल शैली, गहरे अर्थ और अद्भुत प्रभाव के कारण किसी इंसान का कथन नहीं हो सकता। यह अल्लाह का कलाम है, जो अपनी हर आयत में सत्य और मार्गदर्शन लिए हुए है।
आज भी जो लोग कुरआन को मानव रचना कहते हैं, वे वलीद बिन मुग़ीरा की ही राह पर चल रहे हैं। कुरआन की चुनौती है कि यदि यह इंसान का कथन है, तो वे इस जैसी एक सूरा लेकर आएँ। लेकिन यह चुनौती सदियों से अनुत्तरित है, क्योंकि यह कलाम वाकई अल्लाह का है।
एक मुसलमान के रूप में हमें इस आयत से यह सबक लेना चाहिए कि कुरआन पर पूर्ण विश्वास रखें, उस पर अमल करें, और उसे अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाएँ। कुरआन ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की सफलता तक पहुँचाता है।
📜 आयत 23-27 — सूरा अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 25
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये तो बस आदमी का कलाम हैसूरा आयत 25/56 — सूरा अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुद्दस्सिर सुनें, सूरा अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, सूरा अल-मुद्दस्सिर mp3, सूरा अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुद्दस्सिर
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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