Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَمْعَهُ: इसका अर्थ है उसे (कुरआन) आपके सीने में एकत्रित करना।
- وَقُرْآنَهُ: इसका अर्थ है उसे आपकी ज़बान पर पढ़ाना और जारी करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि ऐ नबी! जब जिब्रील अमीन वह़ी लेकर आते हैं, तो आप जल्दबाज़ी में उसे याद करने के लिए अपनी ज़बान को हिलाने की कोशिश न करें। यह आपका काम नहीं है, बल्कि अल्लाह ने खुद इसकी ज़िम्मेदारी ली है। अल्लाह फ़रमाता है: "निस्संदेह उसे (आपके सीने में) एकत्रित करना और उसे (आपकी ज़बान पर) पढ़ाना हमारा ज़िम्मा है।"
यानी अल्लाह तआला ने दो वादे किए हैं: पहला, कुरआन को आपके सीने में महफ़ूज़ करना, ताकि आप उसे कभी न भूलें। दूसरा, उसे आपकी ज़बान पर जारी करना, ताकि आप जब चाहें उसे पढ़ सकें। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने अपने नबी पर यह बोझ नहीं डाला कि वह खुद कुरआन को याद करने की कोशिश करें, बल्कि अल्लाह ने खुद इसे अपने ज़िम्मे ले लिया।
जब जिब्रील अमीन वह़ी लेकर आएं, तो आप चुपचाप उनकी क़िराअत सुनें और ध्यान से सुनें। फिर अल्लाह आपको उसे पढ़ाने की तौफ़ीक़ देगा। और इसके बाद अल्लाह ने यह भी वादा किया कि वह आपको कुरआन के मायने और अहकाम (आदेशों) की वज़ाहत करेगा, ताकि आप लोगों तक उसका पैग़ाम पहुंचा सकें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह पर भरोसा करना सिखाती है। जिस तरह अल्लाह ने अपने नबी के लिए कुरआन की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी ली, उसी तरह वह हर उस बंदे की मदद करता है जो उसके दीन की खिदमत के लिए कोशिश करता है। हमें भी चाहिए कि कुरआन को सीखने, याद करने और समझने में कोई कसर न छोड़ें, लेकिन साथ ही अल्लाह पर भरोसा रखें कि वह हमारी मदद करेगा। कुरआन अल्लाह की तरफ से एक अज़ीम नेमत है, और इसकी हिफ़ाज़त का वादा खुद अल्लाह ने किया है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि हमारा दीन और हमारी किताब महफ़ूज़ है, और हमें इस पर नाज़ है। आइए, हम कुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, और अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें कुरआन की बरकतें अता फ़रमाए।
📜 आयत 15-19 — सूरा अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 17
सूरा अल-क़ियामा आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसका जमा कर देना और पढ़वा देना तो यक़ीनी हमारे…सूरा आयत 17/40 — सूरा अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ियामा सुनें, सूरा अल-क़ियामा अनुवाद, सूरा अल-क़ियामा mp3, सूरा अल-क़ियामा pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ियामा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


