अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَزْوَاجًا: अर्थात प्रकार, क़िस्में, जोड़े — यानी नर और मादा, पुरुष और स्त्री।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान शक्ति और बेमिसाल कुदरत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि हमने ही तुम्हें जोड़े-जोड़े (नर और मादा) पैदा किया है। यानी तुम सब इंसान एक ही तरह से पैदा नहीं हुए, बल्कि हमारी हिकमत से तुम्हें दो क़िस्मों में बाँटा गया — मर्द और औरत। यह कोई इत्तिफ़ाक़ या ख़ुद-ब-ख़ुद नहीं हुआ, बल्कि अल्लाह की मशीयत और उसकी तदबीर से हुआ है।
यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जिस तरह अल्लाह ने इंसानों को जोड़ों में पैदा किया, उसी तरह उसने जानवरों, पेड़-पौधों और हर चीज़ को जोड़ों में पैदा किया है। यह उसकी हिकमत का नमूना है कि ज़िंदगी का सिलसिला इन्हीं जोड़ों से चलता है, और इंसानी समाज की तरक़्क़ी, मुहब्बत और नस्ल का बढ़ना इन्हीं जोड़ों पर मुनहसिर है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपनी पैदाइश पर ग़ौर करें — हम कैसे पैदा हुए, किसने हमें यह शक्ल दी, किसने हमें जोड़ों में बाँटा? क्या यह सब बिना किसी क़ाबिल-ए-तारीफ़ ख़ालिक़ के हो सकता है? हरगिज़ नहीं। यह अल्लाह की कुदरत की निशानी है, और हमें चाहिए कि इस पर ग़ौर करके अपने रब की तारीफ़ करें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।
अल्लाह ने मर्द और औरत को एक-दूसरे के लिए सुकून और राहत का ज़रिया बनाया है। यह जोड़ा होना इंसानी ज़िंदगी की बुनियाद है — मुहब्बत, रहमत और आपसी सहारे के लिए। इसलिए हमें अपने रिश्तों की क़द्र करनी चाहिए, अल्लाह के इस एहसान का शुक्र अदा करना चाहिए, और यह समझना चाहिए कि यह सब कुछ अल्लाह की रहमत और हिकमत से है। जो इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करता है, वह अपने रब की तरफ़ रुजू करता है और उसकी रहमत के क़रीब हो जाता है।
📜 आयत 6-10 — अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 8
सूरा अन-नबा आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तुम लोगों को जोड़ा जोड़ा पैदा कियासूरा आयत 8/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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