Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَبَسَ (अबस): चेहरे पर क्रोध या अप्रसन्नता के निशान प्रकट होना, भौंहें चढ़ाना।
- تَوَلَّىٰ (तवल्ला): मुँह फेर लेना, विमुख हो जाना।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को एक सौम्य परंतु स्पष्ट प्रेमपूर्ण नसीहत दे रहा है। वाक्य है: "उन्होंने चेहरा बनाया और मुँह फेर लिया।" यह उस घटना की ओर संकेत है जब रसूलुल्लाह ﷺ के पास अब्दुल्लाह बिन उम्मी मकतूम (रज़ियल्लाहु अन्हु) आए — जो नेत्रहीन थे — और वे आप ﷺ से कुछ पूछना या सीखना चाहते थे। उस समय आप ﷺ मक्का के बड़े-बड़े सरदारों को इस्लाम की ओर बुलाने में व्यस्त थे, और उनके दिलों को जीतने की कोशिश कर रहे थे। इसी व्यस्तता में आप ﷺ ने उस नेत्रहीन सज्जन की ओर ध्यान नहीं दिया और चेहरे पर कुछ अप्रसन्नता का भाव आ गया, साथ ही आपने मुँह भी फेर लिया।
यहाँ अल्लाह तआला अपने महबूब नबी ﷺ को इस अंदाज़ में नसीहत दे रहा है कि किसी भी इंसान की पहचान उसके दिल और उसकी नीयत से होती है, न कि उसके सामाजिक रुतबे या धन-दौलत से। अब्दुल्लाह बिन उम्मी मकतूम जैसा नेत्रहीन और गरीब व्यक्ति, जो सच्चे दिल से हिदायत चाहता है, वह अल्लाह के यहाँ उन बड़े-बड़े सरदारों से कहीं अधिक अज़ीज़ हो सकता है जो घमंड में डूबे हुए हैं। यह आयत हमें सिखाती है कि दीन की दावत में किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, और हर इंसान की हिदायत की तलब को अहमियत देनी चाहिए।
इस घटना के बाद अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को ऐसा प्यार भरा तरीक़ा सिखाया कि आप ﷺ उसके बाद अब्दुल्लाह बिन उम्मी मकतूम को बहुत सम्मान देते थे और उनसे मुहब्बत करते थे। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि इस्लाम में किसी भी इंसान को उसकी औलाद, माल, या रुतबे की वजह से बड़ा नहीं समझा जाता, बल्कि तक़वा और अल्लाह का डर ही कसौटी है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अगर कोई इंसान हिदायत की तलाश में आए, तो उसे कभी निराश नहीं करना चाहिए, चाहे वह कितना ही साधारण क्यों न हो। अल्लाह तआला हमें यह तौफ़ीक़ दे कि हम हर इंसान के साथ अच्छा सलूक करें और उसकी दीनी ज़रूरतों का ख़याल रखें। आमीन।
📜 आयत 1-3 — सूरा अबस
अनुवाद — अबस 1
सूरा अबस आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह अपनी बात पर चीं ब जबीं हो गयासूरा आयत 1/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अबस
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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