अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बत्श (بَطْش): पकड़ना, पकड़, अचानक पकड़ लेना, सज़ा देना।
- शदीद (شَدِيد): बहुत कठोर, अत्यंत सख्त, ज़बरदस्त।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! तुम्हारे रब की पकड़ अत्यंत कठोर और सख्त है। जब वह किसी ज़ालिम को पकड़ता है, तो उसे कोई नहीं बचा सकता। वह ज़ालिमों को मोहलत देता है, लेकिन जब पकड़ता है, तो उसकी पकड़ ऐसी होती है जिससे कोई नहीं बच सकता। यह पकड़ सिर्फ़ दुनिया में नहीं, बल्कि आख़िरत में भी होगी, जहाँ सज़ा कई गुना बढ़ा दी जाएगी। यह बात उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है जो अल्लाह के नबियों और नेक बंदों पर ज़ुल्म करते हैं, जैसे असहाबुल-उख़्दूद (खंदक वाले) ने ईमान वालों पर किया था। अल्लाह ने उन्हें मोहलत दी, लेकिन फिर उन्हें ऐसी पकड़ से पकड़ा जो बेहद सख्त थी। यह आयत मोमिनीन के लिए तसल्ली है कि अल्लाह ज़ालिमों को हरगिज़ नहीं छोड़ता, चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों। साथ ही, यह ज़ालिमों के लिए डरावनी चेतावनी है कि अल्लाह की पकड़ से बचना नामुमकिन है। अल्लाह की पकड़ में उसकी ताक़त, उसका इल्म और उसकी अदालत शामिल है — वह हर ज़ुल्म का हिसाब लेगा, और उसका हिसाब अत्यंत सख्त होगा। यही वह पकड़ है जिसका ज़िक्र क़ुरआन में कई जगह आया है, और यह उन लोगों के लिए रहमत है जो सब्र करते हैं, क्योंकि उन्हें यक़ीन है कि इंसाफ़ का दिन ज़रूर आएगा।
📜 आयत 10-14 — अल-बुरूज
अनुवाद — अल-बुरूज 12
सूरा अल-बुरूज आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तुम्हारे परवरदिगार की पकड़ बहुत सख्त हैसूरा आयत 12/22 — अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बुरूज सुनें, अल-बुरूज अनुवाद, अल-बुरूज mp3, अल-बुरूज pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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