अल-आला · 13/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आला
ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ ۝١٣
Summa laa yamootu feehaa wa laa yahyaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर न वहाँ मरेगा ही न जीयेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا يَمُوتُ: न मरेगा (मृत्यु नहीं आएगी)।
  • وَلَا يَحْيَى: और न जीएगा (ऐसी ज़िंदगी न पाएगा जो उसे लाभ पहुँचाए)।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस बदनसीब इंसान के हाल का वर्णन कर रही है जो अपने रब के डर से दूर भागा और उसने अल्लाह की नसीहत और क़ुरआन की याद से कान फेर लिया। ऐसा शख्स आख़िरत में जहन्नुम की भीषण आग में डाला जाएगा, जहाँ उसे सख्त से सख्त अज़ाब का सामना करना पड़ेगा। फिर उस अज़ाब के बीच उसे न मौत आएगी कि वह मरकर आराम पा सके, और न ही ऐसी ज़िंदगी मिलेगी जो उसके किसी काम आ सके। वह न मुर्दा है कि दर्द से छुटकारा पाए, और न ज़िंदा है कि किसी तरह का सुख या राहत महसूस कर सके। यह सबसे बड़ी सज़ा है—एक ऐसी हालत जिसमें इंसान हमेशा अज़ाब में जला करे, मौत की तमन्ना करे, लेकिन मौत न आए, और ज़िंदगी की कोई खुशी भी नसीब न हो।

यह आयत हमें अल्लाह के खौफ की अहमियत सिखाती है। जो इंसान दुनिया में अल्लाह से डरता है और उसकी हिदायत को क़बूल करता है, वह इस भयानक अंजाम से बच जाता है। लेकिन जो अल्लाह की याद से ग़ाफिल रहता है और अपनी सरकशी पर अड़ा रहता है, उसका अंजाम यही है। यह आयत हमारे लिए एक ज़बरदस्त चेतावनी है कि हम अपनी ज़िंदगी को संवारें, अल्लाह की इबादत करें, और उसकी रहमत के साये में आएँ। अल्लाह ने हमें क़ुरआन दिया है ताकि हम सीधे रास्ते पर चलें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। आओ, हम अपने रब की तरफ लौटें, उसकी नसीहत को क़बूल करें, और उस आग से बचें जिसकी आग से बचने का हर मुमकिन ज़रिया अल्लाह ने हमें दिया है। अल्लाह की रहमत उसके बंदों के लिए बहुत करीब है—बस ज़रूरत है उसकी तरफ रुजू करने की।



📜 आयत 11-15 — सूरा अल-आला

11وَيَتَجَنَّبُهَا الْأَشْقَى
और बदबख्त उससे पहलू तही करेगा
12الَّذِي يَصْلَى النَّارَ الْكُبْرَىٰ
जो (क़यामत में) बड़ी (तेज़) आग में दाख़िल होगा
13ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ
फिर न वहाँ मरेगा ही न जीयेगा
14قَدْ أَفْلَحَ مَن تَزَكَّىٰ
वह यक़ीनन मुराद दिली को पहुँचा जो (शिर्क से) पाक हो
15وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهِ فَصَلَّىٰ
और अपने परवरदिगार का ज़िक्र करता और नमाज़ पढ़ता रहा
अल-आलाकुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अल-आला 13

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Thursday, October 1, 2026

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