अद-दुहा · 8/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुहा
وَوَجَدَكَ عَائِلًا فَأَغْنَىٰ ۝٨
Wa wa jadaka `aa-ilan fa aghnaa
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको तंगदस्त देखकर ग़नी कर दिया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • عَائِلًا (आइलन) का अर्थ है: फ़क़ीर, मुहताज, यानी जिसके पास कुछ न हो।
  • فَأَغْنَى (फ़अग़ना) का अर्थ है: तो उसने तुम्हें ग़नी (धनी) कर दिया, यानी तुम्हारी ज़रूरतें पूरी कर दीं और तुम्हारे दिल को क़नाअत (संतोष) अता किया।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ पर अपने अनगिनत एहसानात का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है: "और उसने तुम्हें फ़क़ीर पाया, तो तुम्हें ग़नी कर दिया।" यानी ऐ मेरे नबी! तुम अपनी ज़िंदगी के शुरुआती दौर में माली तौर पर मुहताज थे, तुम्हारे पास दुनिया का कोई सामान नहीं था। लेकिन अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से तुम्हारे लिए रोज़ी के दरवाज़े खोल दिए — चाहे वह ख़दीजा रज़ियल्लाहु अन्हा की मदद हो, या बाद में माल-ए-ग़नीमत और फ़तह के ख़ज़ाने, या फिर अल्लाह की तरफ़ से दिल को मिलने वाला संतोष और क़नाअत।

अल्लाह ने आप ﷺ को सिर्फ़ दुनियावी दौलत ही नहीं दी, बल्कि सबसे बड़ी दौलत यह दी कि आपके दिल को क़नाअत अता की — जो असल में सबसे बड़ी दौलत है। फ़क़ीर वह नहीं जिसके पास कम हो, बल्कि फ़क़ीर वह है जिसका दिल लालची हो। अल्लाह ने आपको ऐसा ग़नी बनाया कि आपने दुनिया की तरफ़ दिल नहीं लगाया, और आपकी नज़र हमेशा आख़िरत पर रही।

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली दे रहा है कि जिस तरह मैंने तुम्हें यतीम पाया तो ठिकाना दिया, और भटका हुआ पाया तो हिदायत दी, उसी तरह जब तुम फ़क़ीर थे तो मैंने तुम्हें ग़नी कर दिया। यह अल्लाह की रबूबियत का कमाल है कि वह अपने बंदे की हर हालत में देखभाल करता है।

दावती पहलू:

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वाले को कभी निराश नहीं होना चाहिए। जब अल्लाह ने अपने नबी को फ़क़ीरी से निकालकर ग़नी किया, तो वह हर उस बंदे की मदद करेगा जो उसकी तरफ़ रुजू करता है। मुसलमान को चाहिए कि वह दुनिया की कमी से घबराए नहीं, बल्कि अल्लाह से दुआ करे और उस पर भरोसा रखे। अल्लाह रिज़्क़ देने वाला है, और वह अपने बंदे को कभी तन्हा नहीं छोड़ता। यह आयत हमें सिखाती है कि असली दौलत क़नाअत है — जो अल्लाह दे दे, उस पर संतोष करना ही सबसे बड़ी ग़नीमत है।



📜 आयत 6-10 — सूरा अद-दुहा

6أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فَآوَىٰ
क्या उसने तुम्हें यतीम पाकर (अबू तालिब की) पनाह न दी (ज़रूर दी)
7وَوَجَدَكَ ضَالًّا فَهَدَىٰ
और तुमको एहकाम से नावाकिफ़ देखा तो मंज़िले मक़सूद तक पहुँचा दिया
8وَوَجَدَكَ عَائِلًا فَأَغْنَىٰ
और तुमको तंगदस्त देखकर ग़नी कर दिया
9فَأَمَّا الْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ
तो तुम भी यतीम पर सितम न करना
10وَأَمَّا السَّائِلَ فَلَا تَنْهَرْ
माँगने वाले को झिड़की न देना
अद-दुहाकुरान सूची
11आयत
मक्कीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अद-दुहा 8

सूरा अद-दुहा आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुमको तंगदस्त देखकर ग़नी कर दिया

सूरा आयत 8/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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