अद-दुहा · 7/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुहा
وَوَجَدَكَ ضَالًّا فَهَدَىٰ ۝٧
Wa wa jadaka daal lan fahada
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको एहकाम से नावाकिफ़ देखा तो मंज़िले मक़सूद तक पहुँचा दिया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ضَالًّا (दाल्लन): अर्थात रास्ता न जानने वाला, भटका हुआ। यहाँ इसका अर्थ है कि आप शरीअत के नियमों और किताब व ईमान की शिक्षाओं से अनजान थे।
  • فَهَدَى (फ़हदा): अर्थात फिर अल्लाह ने आपको सीधा रास्ता दिखाया और मार्गदर्शन किया।

व्याख्या:

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ पर अपने अनगिनत एहसानों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि ऐ मेरे नबी! क्या हमने तुम्हें पहले रास्ते से अनजान और शरीअत के मामलों में जानकारी न रखने वाला नहीं पाया था? तुम्हें न तो किताब का ज्ञान था और न ही ईमान की हक़ीक़त का। तुम अंधेरे में भटके हुए इंसान की तरह थे, जिसे अपने मंज़िल का कोई पता नहीं था। फिर अल्लाह ने अपनी रहमत से तुम्हें वह सब कुछ सिखाया जो तुम नहीं जानते थे, तुम्हें वह रास्ता दिखाया जो सीधा है, और तुम्हें सबसे अच्छे कामों की तौफ़ीक़ दी। यह अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने अपने नबी को जिहालत से निकालकर इल्म की रोशनी दी, और गुमराही के अंधेरे से निकालकर हिदायत की रौशनी में ला खड़ा किया।

दावत और नसीहत:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला जिसे चाहता है हिदायत देता है, और वह अपने बंदों पर बेइंतिहा मेहरबान है। जिस तरह उसने अपने नबी ﷺ को जिहालत से इल्म की तरफ निकाला, उसी तरह वह हर उस बंदे को रास्ता दिखा सकता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के दिए हुए इल्म और हिदायत की क़द्र करें, उसका शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को उसी रास्ते पर चलाएं जो अल्लाह ने अपने नबी ﷺ को दिखाया। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो व्यक्ति अल्लाह की हिदायत को पकड़ लेता है, वह कभी भटक नहीं सकता, और जो उसे छोड़ देता है, वह कभी सीधा रास्ता नहीं पा सकता।



📜 आयत 5-9 — सूरा अद-दुहा

5وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰ
और तुम्हारा परवरदिगार अनक़रीब इस क़दर अता करेगा कि तुम ख़ुश हो जाओ
6أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فَآوَىٰ
क्या उसने तुम्हें यतीम पाकर (अबू तालिब की) पनाह न दी (ज़रूर दी)
7وَوَجَدَكَ ضَالًّا فَهَدَىٰ
और तुमको एहकाम से नावाकिफ़ देखा तो मंज़िले मक़सूद तक पहुँचा दिया
8وَوَجَدَكَ عَائِلًا فَأَغْنَىٰ
और तुमको तंगदस्त देखकर ग़नी कर दिया
9فَأَمَّا الْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ
तो तुम भी यतीम पर सितम न करना
अद-दुहाकुरान सूची
11आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अद-दुहा 7

सूरा अद-दुहा आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुमको एहकाम से नावाकिफ़ देखा तो मंज़िले मक़सूद तक…

सूरा आयत 7/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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