यूनुस · 76/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
فَلَمَّا جَاءَهُمُ الْحَقُّ مِنْ عِندِنَا قَالُوا إِنَّ هَٰذَا لَسِحْرٌ مُّبِينٌ ۝٧٦
Falammaa jaaa`ahumul haqqu min `indinaa qaalooo inna haazaa lasihrum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब उनके पास हमारी तरफ से हक़ बात (मौजिज़े) पहुँच गए तो कहने लगे कि ये तो यक़ीनी खुल्लम खुल्ला जादू है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الحَقّ: वह सत्य जो अल्लाह की ओर से आया, अर्थात् मूसा (अलैहिस्सलाम) के चमत्कार और उनका सन्देश।
  • مِنْ عِندِنَا: हमारी ओर से, अर्थात् अल्लाह तआला की ओर से।
  • سِحْرٌ مُبِين: स्पष्ट और प्रत्यक्ष जादू।

व्याख्या:

जब अल्लाह की ओर से सत्य (मूसा अलैहिस्सलाम के चमत्कार और उनका धर्म) फ़िरऔन और उसकी क़ौम के पास पहुँचा, और उन्होंने इसे अपनी आँखों से देखा और पहचान लिया कि यह अल्लाह की ओर से है, तब भी उन्होंने अपनी ज़िद और सरकशी की वजह से कहा: "यह तो सिर्फ़ स्पष्ट जादू है।" उन्होंने इसे सत्य नहीं माना, बल्कि इसे जादू कहकर खारिज कर दिया, जबकि वे जानते थे कि यह जादू नहीं है। उनका यह कहना केवल हठधर्मिता और सत्य को छिपाने के लिए था, क्योंकि जादू कभी सत्य और सच्चाई को प्रकट नहीं करता, जबकि मूसा (अलैहिस्सलाम) के चमत्कार सत्य और सच्चाई पर आधारित थे।

फ़ायदे:

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य को ठुकराने वाले लोग अक्सर उसे जादू, धोखा या झूठ कहकर बदनाम करते हैं, जबकि सत्य हमेशा स्पष्ट और प्रत्यक्ष होता है।
  2. मनुष्य को चाहिए कि वह सत्य को स्वीकार करे, चाहे वह किसी के भी द्वारा आए, और अपनी ज़िद और अहंकार को सत्य के आगे झुका दे।
  3. यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के रसूलों के चमत्कार जादू नहीं होते, बल्कि वे अल्लाह की क़ुदरत के प्रमाण होते हैं, जो सत्य को स्थापित करने के लिए दिए जाते हैं।
  4. हमें सीखना चाहिए कि सत्य को छिपाना और उसे बदनाम करना बहुत बड़ा पाप है, और इससे अल्लाह का क्रोध भड़कता है।
🎧 सुनें

📜 आयत 74-78 — यूनुस

74ثُمَّ بَعَثْنَا مِن بَعْدِهِ رُسُلًا إِلَىٰ قَوْمِهِمْ فَجَاءُوهُم بِالْبَيِّنَاتِ فَمَا كَانُوا لِيُؤْمِنُوا بِمَا كَذَّبُوا بِهِ مِن قَبْلُ ۚ كَذَٰلِكَ نَطْبَعُ عَلَىٰ قُلُوبِ الْمُعْتَدِينَ
फिर ज़रा ग़ौर तो करो फिर हमने नूह के बाद और रसूलों को अपनी क़ौम के पास भेजा तो वह पैग़म्बर उनके पास वाजेए (खुले हुए) व रौशन मौजिज़े लेकर आए इस पर भी जिस चीज़ को ये लोग पहले झुठला चुके थे उस पर ईमान (न लाना था) न लाए हम यूंही हद से गुज़र जाने वालों के दिलों पर (गोया) खुद मोहर कर देते हैं
75ثُمَّ بَعَثْنَا مِن بَعْدِهِم مُّوسَىٰ وَهَارُونَ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِ بِآيَاتِنَا فَاسْتَكْبَرُوا وَكَانُوا قَوْمًا مُّجْرِمِينَ
फिर हमने इन पैग़म्बरों के बाद मूसा व हारुन को अपनी निशानियाँ (मौजिज़े) लेकर फिरऔन और उस (की क़ौम) के सरदारों के पास भेजा तो वह लोग अकड़ बैठे और ये लोग थे ही कुसूरवार
76فَلَمَّا جَاءَهُمُ الْحَقُّ مِنْ عِندِنَا قَالُوا إِنَّ هَٰذَا لَسِحْرٌ مُّبِينٌ
फिर जब उनके पास हमारी तरफ से हक़ बात (मौजिज़े) पहुँच गए तो कहने लगे कि ये तो यक़ीनी खुल्लम खुल्ला जादू है
77قَالَ مُوسَىٰ أَتَقُولُونَ لِلْحَقِّ لَمَّا جَاءَكُمْ ۖ أَسِحْرٌ هَٰذَا وَلَا يُفْلِحُ السَّاحِرُونَ
मूसा ने कहा क्या जब (दीन) तुम्हारे पास आया तो उसके बारे में कहते हो कि क्या ये जादू है और जादूगर लोग कभी कामयाब न होगें
78قَالُوا أَجِئْتَنَا لِتَلْفِتَنَا عَمَّا وَجَدْنَا عَلَيْهِ آبَاءَنَا وَتَكُونَ لَكُمَا الْكِبْرِيَاءُ فِي الْأَرْضِ وَمَا نَحْنُ لَكُمَا بِمُؤْمِنِينَ
वह लोग कहने लगे कि (ऐ मूसा) क्यों तुम हमारे पास उस वास्ते आए हो कि जिस दीन पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया उससे तुम हमे बहका दो और सारी ज़मीन में ही दोनों की बढ़ाई हो और ये लोग तुम दोनों पर ईमान लाने वाले नहीं
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अनुवाद — यूनुस 76

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Tuesday, August 18, 2026

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