अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِلْحَقِّ: सत्य के लिए, जो स्पष्ट और स्थापित हो।
- لَمَّا جَاءَكُمْ: जब वह (सत्य) तुम्हारे पास आ चुका।
- أَسِحْرٌ: क्या यह जादू है? (आश्चर्य और इनकार के स्वर में)।
- لَا يُفْلِحُ السَّاحِرُونَ: जादूगर कभी सफल नहीं होते, न दुनिया में और न आख़िरत में।
विस्तृत व्याख्या:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम के सामने स्पष्ट चमत्कार और सत्य प्रस्तुत किया, तो उन्होंने उसे जादू कहकर खारिज करने की कोशिश की। इस पर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उनके इस बेतुके और अजीब रवैये पर अचरज जताते हुए कहा: "क्या तुम सत्य को, जब वह तुम्हारे पास आ चुका है, यह कहकर जवाब देते हो कि यह जादू है? क्या यह (जो मैं लाया हूँ) जादू है?" — यानी, तुम्हारी आँखों के सामने वह चीज़ है जो सत्य और स्पष्ट है, फिर भी तुम उसे जादू का नाम देकर टालना चाहते हो। यह कितनी बड़ी बेइंसाफ़ी और हठधर्मिता है।
मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जादू नहीं हो सकता, क्योंकि जादूगरों का अंजाम हमेशा नाकामी और रुसवाई होता है। जादू एक झूठ और धोखे का ज़रिया है, और झूठ कभी टिकता नहीं। जो लोग जादू के सहारे लोगों को बहकाते हैं, वे न दुनिया में कामयाब होते हैं और न आख़िरत में। अगर यह जादू होता, तो इसका अंजाम भी वही होता जो जादूगरों का होता है — नाश और नाकामी। लेकिन यह तो सत्य है, और सत्य की फ़तह हमेशा होती है।
आध्यात्मिक लाभ और शिक्षाएँ:
- सत्य का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह किसी के पास से आए। जब सत्य स्पष्ट हो जाए, तो उसे मान लेना चाहिए, न कि उसे झूठे नाम देकर खारिज करने की कोशिश करनी चाहिए।
- जादू और झूठ का अंजाम हमेशा बुरा होता है। यह आयत हमें सिखाती है कि झूठ, धोखे और नकली चीज़ों का कोई भरोसा नहीं। अल्लाह की मदद सच्चे और सच्चाई पर चलने वालों के साथ होती है।
- सच्चाई के सामने हठधर्मिता नहीं करनी चाहिए। फ़िरऔनियों की तरह अगर हम सच्चाई को देखकर भी उसे न मानें, तो यह हमारी नाकामी का सबसे बड़ा कारण बनता है।
- मूसा (अलैहिस्सलाम) का दृढ़ विश्वास हमें सिखाता है कि सत्य के पैरोकारों को कभी डरना नहीं चाहिए, चाहे सामने कितनी ही बड़ी ताकत क्यों न हो। सत्य ही अंततः फतह पाता है।
- यह आयत हमें इस्लाम की सच्चाई की तरफ़ बुलाती है — कि क़ुरआन और रिसालत का पैग़ाम सच्चा है, और जो लोग इसे जादू या जादूगरी कहते हैं, वे उन्हीं फ़िरऔनियों की तरह हैं जिनका अंजाम बुरा हुआ। इसलिए हमें सत्य को क़बूल करके दुनिया और आख़िरत की कामयाबी हासिल करनी चाहिए।
📜 आयत 75-79 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 77
सूरा यूनुस आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने कहा क्या जब (दीन) तुम्हारे पास आया तो…सूरा आयत 77/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 75–79. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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