यूनुस · 89/109
अनुवाद उच्चारण — सूरा यूनुस
قَالَ قَدْ أُجِيبَت دَّعْوَتُكُمَا فَاسْتَقِيمَا وَلَا تَتَّبِعَانِّ سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ۝٨٩
Qaala qad ujeebad da`watukumaa fastaqeemaa wa laa tattabi`aaanni sabeelal lazeena laaya`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
(ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई तो तुम दोनों साबित कदम रहो और नादानों की राह पर न चलो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أُجِيبَتْ دَعْوَتُكُمَا: तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई।
  • فَاسْتَقِيمَا: तुम दोनों सीधे (दृढ़) रहो।
  • سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ: उन लोगों का मार्ग जो (सत्य को) नहीं जानते।

व्याख्या:

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा और हज़रत हारून (अलैहिमास्सलाम) से कहा: "तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई है।" यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि दुआ हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) कर रहे थे, और हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) उस पर 'आमीन' कह रहे थे, और 'आमीन' कहना भी दुआ ही है, इसलिए अल्लाह ने दुआ को दोनों की ओर निस्बत किया। यह दुआ फ़िरऔन और उसके सरदारों के खिलाफ़ थी कि उनके ऊपर अज़ाब आए और उनके धन-संपत्ति और ठाठ-बाठ तबाह हों। अल्लाह ने यह दुआ क़बूल कर ली।

इसके बाद अल्लाह ने दोनों को निर्देश दिया: "तुम दोनों अपने दीन पर दृढ़ और स्थिर रहो, और अपनी दावत (फ़िरऔन को सत्य की ओर बुलाने) पर जारी रहो। मेरे आदेश का पालन करते रहो और उन लोगों के मार्ग का अनुसरण मत करना जो अल्लाह के वादे और उसकी सज़ा की सच्चाई को नहीं जानते।" यानी उन लोगों के रास्ते पर मत चलना जो अल्लाह के ज्ञान से वंचित हैं और सत्य के मार्ग से भटके हुए हैं। यह एक तसल्ली और हौसला बढ़ाने वाला क़ौल था कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी, बशर्ते वे सब्र और दृढ़ता पर क़ायम रहें।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह की दुआ क़बूल करने में देरी नहीं होती, लेकिन वह अपनी हिक्मत (बुद्धि) के अनुसार सही समय पर पूरी करता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) की दुआ कई सालों बाद क़बूल हुई, फिर भी अल्लाह ने उसे स्वीकार कर लिया।
  2. दुआ में 'आमीन' कहने वाला भी दुआ करने वाले के साथ शामिल होता है, इसलिए जमात के साथ दुआ करने की बरकत बहुत बड़ी है।
  3. अल्लाह के नबियों को भी हिदायत दी गई कि सीधे रहो और अज्ञानियों के रास्ते पर मत चलो। यह हमारे लिए सबक है कि हमेशा इल्म (ज्ञान) के साथ अमल करें और जाहिलों के रास्ते से बचें।
  4. सत्य के मार्ग पर दृढ़ता (इस्तिक़ामत) ही अल्लाह की मदद पाने का ज़रिया है। जब तक इंसान अपने दीन पर साबित-क़दम रहता है, अल्लाह उसकी मदद करता है।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि कठिनाइयों और मुश्किलों के समय में निराश न हों, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखें और अपने काम पर डटे रहें। अल्लाह का वादा सच्चा है और वह अपने बंदों की दुआ ज़रूर सुनता है।


📜 आयत 87-91 — सूरा यूनुस

87وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ مُوسَىٰ وَأَخِيهِ أَن تَبَوَّءَا لِقَوْمِكُمَا بِمِصْرَ بُيُوتًا وَاجْعَلُوا بُيُوتَكُمْ قِبْلَةً وَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ ۗ وَبَشِّرِ الْمُؤْمِنِينَ
और हमने मूसा और उनके भाई (हारुन) के पास 'वही' भेजी कि मिस्र में अपनी क़ौम के (रहने सहने के) लिए घर बना डालो और अपने अपने घरों ही को मस्जिदें क़रार दे लो और पाबन्दी से नमाज़ पढ़ों और मोमिनीन को (नजात का) खुशख़बरी दे दो
88وَقَالَ مُوسَىٰ رَبَّنَا إِنَّكَ آتَيْتَ فِرْعَوْنَ وَمَلَأَهُ زِينَةً وَأَمْوَالًا فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا رَبَّنَا لِيُضِلُّوا عَن سَبِيلِكَ ۖ رَبَّنَا اطْمِسْ عَلَىٰ أَمْوَالِهِمْ وَاشْدُدْ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ فَلَا يُؤْمِنُوا حَتَّىٰ يَرَوُا الْعَذَابَ الْأَلِيمَ
और मूसा ने अर्ज़ की ऐ हमारे पालने वाले तूने फिरऔन और उसके सरदारों को दुनिया की ज़िन्दगी में (बड़ी) आराइश और दौलत दे रखी है (क्या तूने ये सामान इस लिए अता किया है) ताकि ये लोग तेरे रास्तें से लोगों को बहकाएं परवरदिगार तू उनके माल (दौलत) को ग़ारत (बरबाद) कर दे और उनके दिलों पर सख्ती कर (क्योंकि) जब तक ये लोग तकलीफ देह अज़ाब न देख लेगें ईमान न लाएगें
89قَالَ قَدْ أُجِيبَت دَّعْوَتُكُمَا فَاسْتَقِيمَا وَلَا تَتَّبِعَانِّ سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ
(ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई तो तुम दोनों साबित कदम रहो और नादानों की राह पर न चलो
90۞ وَجَاوَزْنَا بِبَنِي إِسْرَائِيلَ الْبَحْرَ فَأَتْبَعَهُمْ فِرْعَوْنُ وَجُنُودُهُ بَغْيًا وَعَدْوًا ۖ حَتَّىٰ إِذَا أَدْرَكَهُ الْغَرَقُ قَالَ آمَنتُ أَنَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا الَّذِي آمَنَتْ بِهِ بَنُو إِسْرَائِيلَ وَأَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ
और हमने बनी इसराइल को दरिया के उस पार कर दिया फिर फिरऔन और उसके लश्कर ने सरकशी की और शरारत से उनका पीछा किया-यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा तो कहने लगा कि जिस ख़ुदा पर बनी इसराइल ईमान लाए हैं मै भी उस पर ईमान लाता हूँ उससे सिवा कोई माबूद नहीं और मैं फरमाबरदार बन्दों से हूँ
91آلْآنَ وَقَدْ عَصَيْتَ قَبْلُ وَكُنتَ مِنَ الْمُفْسِدِينَ
अब (मरने) के वक्त र्ऌमान लाता है हालॉकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था
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अनुवाद — यूनुस 89

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सूरा आयत 89/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 87–91. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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