Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أُجِيبَتْ دَعْوَتُكُمَا: तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई।
- فَاسْتَقِيمَا: तुम दोनों सीधे (दृढ़) रहो।
- سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ: उन लोगों का मार्ग जो (सत्य को) नहीं जानते।
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा और हज़रत हारून (अलैहिमास्सलाम) से कहा: "तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई है।" यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि दुआ हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) कर रहे थे, और हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) उस पर 'आमीन' कह रहे थे, और 'आमीन' कहना भी दुआ ही है, इसलिए अल्लाह ने दुआ को दोनों की ओर निस्बत किया। यह दुआ फ़िरऔन और उसके सरदारों के खिलाफ़ थी कि उनके ऊपर अज़ाब आए और उनके धन-संपत्ति और ठाठ-बाठ तबाह हों। अल्लाह ने यह दुआ क़बूल कर ली।
इसके बाद अल्लाह ने दोनों को निर्देश दिया: "तुम दोनों अपने दीन पर दृढ़ और स्थिर रहो, और अपनी दावत (फ़िरऔन को सत्य की ओर बुलाने) पर जारी रहो। मेरे आदेश का पालन करते रहो और उन लोगों के मार्ग का अनुसरण मत करना जो अल्लाह के वादे और उसकी सज़ा की सच्चाई को नहीं जानते।" यानी उन लोगों के रास्ते पर मत चलना जो अल्लाह के ज्ञान से वंचित हैं और सत्य के मार्ग से भटके हुए हैं। यह एक तसल्ली और हौसला बढ़ाने वाला क़ौल था कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी, बशर्ते वे सब्र और दृढ़ता पर क़ायम रहें।
फ़ायदे:
- अल्लाह की दुआ क़बूल करने में देरी नहीं होती, लेकिन वह अपनी हिक्मत (बुद्धि) के अनुसार सही समय पर पूरी करता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) की दुआ कई सालों बाद क़बूल हुई, फिर भी अल्लाह ने उसे स्वीकार कर लिया।
- दुआ में 'आमीन' कहने वाला भी दुआ करने वाले के साथ शामिल होता है, इसलिए जमात के साथ दुआ करने की बरकत बहुत बड़ी है।
- अल्लाह के नबियों को भी हिदायत दी गई कि सीधे रहो और अज्ञानियों के रास्ते पर मत चलो। यह हमारे लिए सबक है कि हमेशा इल्म (ज्ञान) के साथ अमल करें और जाहिलों के रास्ते से बचें।
- सत्य के मार्ग पर दृढ़ता (इस्तिक़ामत) ही अल्लाह की मदद पाने का ज़रिया है। जब तक इंसान अपने दीन पर साबित-क़दम रहता है, अल्लाह उसकी मदद करता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि कठिनाइयों और मुश्किलों के समय में निराश न हों, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखें और अपने काम पर डटे रहें। अल्लाह का वादा सच्चा है और वह अपने बंदों की दुआ ज़रूर सुनता है।
📜 आयत 87-91 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 89
सूरा यूनुस आयत 89 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई…सूरा आयत 89/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 87–91. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


