अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُصْحِي (मेरी नसीहत): मेरी सलाह, मेरा ख़ैरख़्वाहाना परामर्श और भलाई की तरफ़ बुलाना।
- يُغْوِيَكُمْ (तुम्हें गुमराह करे): तुम्हें पथभ्रष्ट करे, हिदायत से महरूम कर दे, या तुम्हें सज़ा देकर हलाक कर दे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम से कहा: मेरी नसीहत और मेरा यह प्रयास कि मैं तुम्हें ईमान की राह दिखाऊँ, तुम्हें कोई लाभ नहीं पहुँचा सकता, अगर अल्लाह तआला ने तुम्हारे हठ और अवज्ञा के कारण तुम्हें गुमराही में छोड़ने और तुम्हें हिदायत से महरूम करने का फ़ैसला कर लिया है। यानी जब अल्लाह की मर्ज़ी किसी क़ौम की गुमराही पर टिक जाती है, तो कोई नसीहत करने वाला उन्हें फ़ायदा नहीं पहुँचा सकता। अल्लाह ही तुम्हारा रब और मालिक है, उसी के हाथ में तुम्हारा भला और बुरा है, वही हिदायत देता है और वही गुमराह करता है। और अंत में तुम सबको उसी की तरफ़ लौटना है — क़यामत के दिन तुम सब उसके सामने हाज़िर होंगे और वह तुम्हारे आमाल का हिसाब लेगा। यह बात दरअसल एक तरफ़ नूह (अलैहिस्सलाम) की ओर से अपनी क़ौम के प्रति बेबसी का इज़हार है, तो दूसरी तरफ़ उनके लिए एक सख़्त चेतावनी और धमकी भी है।
फ़ायदे (सबक़):
- नसीहत और दावत का असर अल्लाह की मर्ज़ी पर मुनहसिर है — इंसान सिर्फ़ ज़रिया है, हिदायत देने वाला अकेला अल्लाह है। इसलिए दावत देने वाले को मायूस नहीं होना चाहिए और न ही नतीजे पर नाज़ करना चाहिए।
- अल्लाह का रब होना यानी उसका पूरा अख़्तियार होना — वही हिदायत देता है, वही गुमराह करता है, और उसी की तरफ़ सबकी वापसी है। यह ईमान की बुनियाद है कि इंसान अपने रब के सामने झुके और उसी की रज़ा का तालिब रहे।
- आख़िरत का यक़ीन इंसान को अमल की तरफ़ राग़िब करता है — जब हमें मालूम है कि हमें अल्लाह की तरफ़ लौटना है और हर अमल का हिसाब होना है, तो हमें अपनी ज़िंदगी को उसी के हुक्म के मुताबिक़ ढालना चाहिए।
- नूह (अलैहिस्सलाम) की यह बात हमें सिखाती है कि हक़ बोलने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए, चाहे सुनने वाले कितने ही ज़िद्दी क्यों न हों — दावत का काम अल्लाह के हुक्म की तामील है, और उसका अज्र अल्लाह के पास महफ़ूज़ है।
📜 आयत 32-36 — हूद
अनुवाद — हूद 34
सूरा हूद आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर ख़ुदा को तुम्हारा बहकाना मंज़ूर है तो मेरी ख़ैर…सूरा आयत 34/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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