Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُغَاثُ النَّاسُ: लोगों पर बारिश बरसाई जाएगी, यानी उन्हें सूखे और अकाल से राहत मिलेगी।
- يَعْصِرُونَ: वे अंगूर, जैतून, गन्ना आदि को निचोड़ेंगे (रस निकालेंगे), जो खुशहाली और भरपूर फसल की निशानी है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) उस राजा के सपने की तफ़सीर बयान कर रहे हैं, जिसमें सात मोटी गायों को सात दुबली गायें खा रही थीं और सात हरी बालियाँ थीं जिन्हें सात सूखी बालियाँ खा रही थीं। उन्होंने बताया कि सात साल खूब फसल और खुशहाली के होंगे, फिर सात साल सूखे और अकाल के होंगे। अब इस आयत में वे बताते हैं कि उन सात सूखे और कठिन वर्षों के बाद एक ऐसा साल आएगा जिसमें अल्लाह तआला लोगों पर खूब बारिश बरसाएगा, ज़मीन से फसलें उगेंगी और लोग अपनी ज़रूरत की चीज़ें (जैसे अंगूर, जैतून, गन्ना) निचोड़कर इस्तेमाल करेंगे। यह साल उनके लिए राहत, खुशहाली और किस्मत के पलटने का साल होगा। इस तरह हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने पूरे सपने की तफ़सीर कर दी और साथ ही यह भी बताया कि इन वर्षों में क्या-क्या होगा, ताकि लोग तैयारी कर सकें।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला की रहमत कभी खत्म नहीं होती। मुसीबत और कठिनाई के बाद वह ज़रूर आसानी और खुशहाली लाता है, जैसा कि इस आयत में सूखे के बाद बारिश और खुशहाली का वादा है।
- मुसीबत के समय में भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी रहमत से उम्मीद नहीं खोनी चाहिए, क्योंकि वही हालात बदलने की ताकत रखता है।
- हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की यह तफ़सीर हमें सिखाती है कि इल्म और समझ के साथ लोगों की मदद करना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना बहुत बड़ी नेमत है।
- यह आयत यह भी बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को इल्म और हिकमत देता है, और वही इल्म दुनिया और आख़िरत की भलाई का ज़रिया बनता है।
- इस क़िस्से से हमें सबक मिलता है कि मुश्किल वक़्त में भी अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए और उसकी रहमत का इंतज़ार करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि "बेशक मुश्किल के साथ आसानी है।"
📜 आयत 47-51 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 49
सूरा यूसुफ आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बस) फिर उसके बाद एक साल आएगा जिसमें लोगों के…सूरा आयत 49/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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