Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَلْصَالٍ (सल्साल): सूखी हुई मिट्टी जो बजने की आवाज़ देती हो।
- حَمَإٍ (हमअ): काली, बदबूदार और बदली हुई मिट्टी।
- مَسْنُونٍ (मस्नून): वह मिट्टी जो देर तक पड़ी रहने से बदबूदार हो गई हो, या जिसे आकार दिया गया हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने इंसान (आदम अलैहिस्सलाम) को सूखी हुई मिट्टी से पैदा किया, जो बजने की आवाज़ देती थी। वह मिट्टी काली और बदबूदार थी, क्योंकि वह लंबे समय तक पड़ी रही थी और उसका रंग और गंध बदल गया था। यह मिट्टी पानी में भिगोई गई, फिर सुखाई गई, यहाँ तक कि वह सूखकर ऐसी हो गई कि जब उसे टटोला जाता या उस पर कोई चीज़ गिरती तो आवाज़ आती। इसी मिट्टी से अल्लाह ने आदम अलैहिस्सलाम को अपने हाथों से बनाया और फिर उनमें अपनी रूह फूँकी। यहाँ "इंसान" से मुराद आदम अलैहिस्सलाम हैं, और उनकी संतान भी इसी सिलसिले में शामिल है, क्योंकि सब उन्हीं की नस्ल से हैं।
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत हमें इंसान की कमज़ोर और मामूली शुरुआत की याद दिलाती है — वह मिट्टी से बना है, इसलिए उसे घमंड और अहंकार नहीं करना चाहिए।
- अल्लाह की क़ुदरत का अज़ीमुश्शान नमूना है कि उसने बदबूदार मिट्टी से इतना खूबसूरत और अक्लमंद इंसान बनाया, जो ज़मीन का ख़लीफ़ा बना।
- यह हमें सिखाता है कि इंसान की असली इज़्ज़त उसकी मिट्टी में नहीं, बल्कि अल्लाह की रूह और ईमान में है, जो उसमें फूँकी गई।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि इंसान को अपनी पैदाइश की हक़ीक़त पर ग़ौर करना चाहिए ताकि वह अल्लाह की बड़ाई और अपनी अहमियत को समझे और उसकी इबादत में लगा रहे।
📜 आयत 24-28 — सूरा अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 26
सूरा अल-हिज्र आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बेशक हम ही ने आदमी को ख़मीर (गुंधी) दी…सूरा आयत 26/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हिज्र
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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