अल-हिज्र · 61/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
فَلَمَّا جَاءَ آلَ لُوطٍ الْمُرْسَلُونَ ۝٦١
Falamma jaaa`a Aala Lootinil mursaloon
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • آلَ لُوطٍ: हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम और उनके घराने के लोग।
  • الْمُرْسَلُونَ: भेजे गए फ़रिश्ते, जो अल्लाह की ओर से अज़ाब के फ़रमान के साथ आए थे।

तफ़सीर:

जब अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते (जो इब्राहीम अलैहिस्सलाम के पास से आ रहे थे) हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के पास पहुँचे, तो वे ख़ूबसूरत जवानों की शक्ल में आए थे। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें देखा तो वे उन्हें पहचान नहीं पाए, क्योंकि वे अनजान मुसाफ़िरों के रूप में थे। यह वह मौक़ा था जब अल्लाह का अज़ाब उनकी क़ौम पर नाज़िल होने वाला था, और ये फ़रिश्ते उस अज़ाब को तामील करने के लिए आए थे। उनका आना इसलिए था कि वे हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) को उनकी क़ौम के हाल से आगाह करें और उन्हें और उनके घराने को उस अज़ाब से बचाने का बंदोबस्त करें, जो उनकी क़ौम के गुनाहों की वजह से आने वाला था।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह अपने नबियों की हिफ़ाज़त ख़ुद करता है और उन्हें अज़ाब से पहले आगाह करता है, जिससे उनके पैग़म्बरों का मर्तबा और उनकी उम्मतों पर रहमत ज़ाहिर होती है।
  2. फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से इंसानों की शक्ल इख़्तियार कर सकते हैं, और यह अल्लाह की क़ुदरत की निशानी है।
  3. यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और गुनाहों पर अज़ाब आने से पहले इंसान को तौबा और इस्तिग़फ़ार का मौक़ा दिया जाता है।
  4. हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम का अंजाम हमारे लिए एक इबरत है कि हम उन रास्तों से बचें जो अल्लाह की नाराज़गी का सबब बनते हैं, और अपनी ज़िंदगी में पाकीज़गी और नेकी को अपनाएँ।


📜 आयत 59-63 — सूरा अल-हिज्र

59إِلَّا آلَ لُوطٍ إِنَّا لَمُنَجُّوهُمْ أَجْمَعِينَ
मगर लूत के लड़के वाले कि हम उन सबको ज़रुर बचा लेगें मगर उनकी बीबी जिसे हमने ताक लिया है
60إِلَّا امْرَأَتَهُ قَدَّرْنَا ۙ إِنَّهَا لَمِنَ الْغَابِرِينَ
कि वह ज़रुर (अपने लड़के बालों के) पीछे (अज़ाब में) रह जाएगी
61فَلَمَّا جَاءَ آلَ لُوطٍ الْمُرْسَلُونَ
ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)
62قَالَ إِنَّكُمْ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ
फरिश्तों ने कहा (नहीं) बल्कि हम तो आपके पास वह (अज़ाब) लेकर आए हैं
63قَالُوا بَلْ جِئْنَاكَ بِمَا كَانُوا فِيهِ يَمْتَرُونَ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे
अल-हिज्रकुरान सूची
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61आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 61

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Saturday, October 3, 2026

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