अल-हिज्र · 60/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
إِلَّا امْرَأَتَهُ قَدَّرْنَا ۙ إِنَّهَا لَمِنَ الْغَابِرِينَ ۝٦٠
Illam ra atahoo qaddarnaaa innahaa laminal ghaabireen
📖 हिंदी अर्थ
कि वह ज़रुर (अपने लड़के बालों के) पीछे (अज़ाब में) रह जाएगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قَدَّرْنَا: हमने निर्धारित किया, हुक्म लगाया।
  • الْغَابِرِينَ: पीछे रह जाने वाले, यानी जो लोग अज़ाब में बाकी रहकर हलाक होने वाले हैं।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रिश्तों की उस बात का ज़िक्र कर रहे हैं जो उन्होंने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम से कही थी। फ़रिश्तों ने कहा कि हमें अल्लाह ने क़ौम-ए-लूत (हज़रत लूत की उम्मत) को हलाक करने के लिए भेजा है, क्योंकि वे लोग शिर्क और बड़े अश्लील कर्मों में डूबे हुए थे। लेकिन अल्लाह का फ़ैसला यह है कि हज़रत लूत अलैहिस्सलाम और उनके ईमानदार अहल-ओ-अयाल (परिवार के लोग) इस अज़ाब से बच जाएँगे। हालाँकि, हज़रत लूत की पत्नी इस रहमत से महरूम रहेगी, क्योंकि वह काफ़िरा थी और अपने शौहर के दीन पर ईमान नहीं लाई थी। अल्लाह ने पहले ही यह फ़ैसला कर दिया था कि वह उन लोगों में से होगी जो अज़ाब में पीछे रह जाएँगे और हलाक होंगे। यानी उसके लिए कोई नजात (मुक्ति) नहीं है, चाहे वह नबी की पत्नी ही क्यों न हो, क्योंकि नस्ब या रिश्ता किसी को अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकता, बल्कि ईमान और अच्छे आमाल ही नजात का ज़रिया हैं।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह का फ़ैसला अटल और पहले से निर्धारित होता है, और उसके हुक्म के आगे किसी की चाल नहीं चल सकती।
  2. नेक लोगों की संगत या नबी से रिश्तेदारी किसी को अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकती; हर इंसान अपने ईमान और आमाल के लिए ज़िम्मेदार है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उस पर है जो उस पर ईमान लाए और उसकी इताअत (आज्ञाकारिता) करे, चाहे वह किसी भी खानदान से हो।
  4. अल्लाह का इंसाफ़ (न्याय) यह है कि वह किसी के साथ नाइंसाफ़ी नहीं करता; हर शख्स को उसके कर्मों का बदला देता है।


📜 आयत 58-62 — सूरा अल-हिज्र

58قَالُوا إِنَّا أُرْسِلْنَا إِلَىٰ قَوْمٍ مُّجْرِمِينَ
उन्होंने कहा कि हम तो एक गुनाहगार क़ौम की तरफ (अज़ाब नाज़िल करने के लिए) भेजे गए हैं
59إِلَّا آلَ لُوطٍ إِنَّا لَمُنَجُّوهُمْ أَجْمَعِينَ
मगर लूत के लड़के वाले कि हम उन सबको ज़रुर बचा लेगें मगर उनकी बीबी जिसे हमने ताक लिया है
60إِلَّا امْرَأَتَهُ قَدَّرْنَا ۙ إِنَّهَا لَمِنَ الْغَابِرِينَ
कि वह ज़रुर (अपने लड़के बालों के) पीछे (अज़ाब में) रह जाएगी
61فَلَمَّا جَاءَ آلَ لُوطٍ الْمُرْسَلُونَ
ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)
62قَالَ إِنَّكُمْ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ
फरिश्तों ने कहा (नहीं) बल्कि हम तो आपके पास वह (अज़ाब) लेकर आए हैं
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अनुवाद — अल-हिज्र 60

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Tuesday, September 8, 2026

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