अल-हिज्र · 93/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
عَمَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ ۝٩٣
Ammaa kaanoo ya`maloon
📖 हिंदी अर्थ
पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • عَمَّا: "عَنْ مَا" का संक्षिप्त रूप, अर्थात "उस चीज़ के बारे में"।
  • كَانُوا يَعْمَلُونَ: वे (दुनिया में) करते रहे।

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को आश्वस्त कर रहे हैं कि क़ुरैश के काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों का जो रवैया है—वे क़ुरआन को टुकड़ों में बाँटते हैं, उसे जादू और काव्य कहते हैं, और उसकी आयतों को विकृत करने की कोशिश करते हैं—इस सबका हिसाब अल्लाह के पास सुरक्षित है। क़सम है आपके पालनहार की, क़ियामत के दिन उन सबसे पूछताछ होगी और उन्हें उनके सभी कर्मों का बदला दिया जाएगा। यह पूछताछ केवल क़ुरआन के साथ उनके दुर्व्यवहार तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन सभी कार्यों के बारे में होगी जो उन्होंने दुनिया में किए—चाहे वह शिर्क हो, मूर्तिपूजा हो, अत्याचार हो, या अन्य कोई पाप। अल्लाह उनके छोटे-बड़े हर अमल का हिसाब लेगा और उसके अनुसार उन्हें प्रतिफल देगा। यह आयत उन लोगों के लिए एक कठोर चेतावनी है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और अपने बुरे कर्मों पर अड़े रहते हैं।

लाभ एवं शिक्षाएँ:

  1. अल्लाह तआला का न्याय पूर्ण है—वह किसी के अच्छे या बुरे कर्म को अनदेखा नहीं करता, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो।
  2. क़ुरआन के साथ बुरा व्यवहार करना, उसे झुठलाना या उसकी आयतों को विकृत करना, एक गंभीर अपराध है जिसका हिसाब अल्लाह अवश्य लेगा।
  3. यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि वे अपने हर कर्म में सावधानी बरतें, क्योंकि उनके सभी कार्य अल्लाह की निगरानी में हैं और एक दिन उनसे पूछताछ होनी है।
  4. अल्लाह का डर और उसके हिसाब का भय इंसान को गुनाहों से बचाता है और उसे नेक कर्मों की ओर प्रेरित करता है।
  5. यह आयत नबी ﷺ के लिए सांत्वना है कि आपके विरोधियों का अंत बुरा होगा, और सत्य की जीत अवश्य होगी।


📜 आयत 91-95 — सूरा अल-हिज्र

91الَّذِينَ جَعَلُوا الْقُرْآنَ عِضِينَ
(बाज़ को माना बाज को नहीं) तो ऐ रसूल तुम्हारे ही परवरदिगार की (अपनी) क़सम
92فَوَرَبِّكَ لَنَسْأَلَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ
कि हम उनसे जो कुछ ये (दुनिया में) किया करते थे (बहुत सख्ती से) ज़रुर बाज़ पुर्स (पुछताछ) करेंगे
93عَمَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ
पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो
94فَاصْدَعْ بِمَا تُؤْمَرُ وَأَعْرِضْ عَنِ الْمُشْرِكِينَ
और मुशरेकीन की तरफ से मुँह फेर लो
95إِنَّا كَفَيْنَاكَ الْمُسْتَهْزِئِينَ
जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
93आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 93

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Friday, October 2, 2026

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