अल-हिज्र · 92/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
فَوَرَبِّكَ لَنَسْأَلَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ ۝٩٢
Fawa Rabbika lanas`a lannahum ajma`een
📖 हिंदी अर्थ
कि हम उनसे जो कुछ ये (दुनिया में) किया करते थे (बहुत सख्ती से) ज़रुर बाज़ पुर्स (पुछताछ) करेंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَوَرَبِّكَ: तेरे पालनहार की क़सम!
  • لَنَسْأَلَنَّهُمْ: हम उनसे अवश्य पूछताछ करेंगे।
  • أَجْمَعِينَ: उन सबसे (बिना किसी को छोड़े)।

व्याख्या:

हे नबी! तेरे पालनहार की क़सम! हम क़यामत के दिन उन सब लोगों से अवश्य पूछताछ करेंगे, जिन्होंने क़ुरआन को टुकड़ों-टुकड़ों में बाँट दिया था—यानी उन्होंने उसकी कुछ बातें मानीं और कुछ को छोड़ दिया, उसमें अपनी मनगढ़ंत बातें मिलाईं और उसे अपनी इच्छाओं के अनुसार ढाला। यह पूछताछ केवल जानकारी के लिए नहीं होगी, बल्कि डाँट-फटकार और तिरस्कार के रूप में होगी, ताकि उन पर उनके कुकर्म स्पष्ट हो जाएँ। यह पूछताछ उनके कुकर्मों, झूठे विश्वासों, मूर्तिपूजा और अन्य पापों के बारे में भी होगी, जो वे दुनिया में करते रहे। यह एक गंभीर चेतावनी है कि क़यामत के दिन हर व्यक्ति से उसके कर्मों का हिसाब लिया जाएगा, और कोई भी उस पूछताछ से बच नहीं पाएगा।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो क़ुरआन के साथ छेड़छाड़ करते हैं, उसके कुछ हिस्सों को मानते हैं और कुछ को अस्वीकार करते हैं, या उसकी आयतों को अपनी इच्छाओं के अनुसार ढालते हैं।
  2. क़यामत के दिन सभी लोगों से पूछताछ होगी—चाहे वे कोई भी हों, कोई भी उस दिन की पकड़ से बाहर नहीं होगा। यह न्याय और हिसाब के दिन की सच्चाई की पुष्टि करता है, जो मुसलमानों को सीधे रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि क़ुरआन को समग्र रूप से मानना और उस पर अमल करना चाहिए, न कि उसे चुन-चुन कर अपनाना। क़ुरआन का पूरा पालन ही सच्ची सफलता का मार्ग है।
  4. इस आयत में ईश्वर की क़सम खाकर की गई बात से पता चलता है कि यह पूछताछ निश्चित और अटल है, जो हमें दुनिया के कर्मों के प्रति सजग और सावधान बनाती है।
  5. यह आयत मुसलमानों को उनके पैग़ंबर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़ाती है, क्योंकि ईश्वर ने उनकी क़सम खाकर यह बात कही है, जो उनके उच्च स्थान को दर्शाता है।


📜 आयत 90-94 — अल-हिज्र

90كَمَا أَنزَلْنَا عَلَى الْمُقْتَسِمِينَ
जिन्होंने क़ुरान को बॉट कर टुकडे टुकड़े कर डाला
91الَّذِينَ جَعَلُوا الْقُرْآنَ عِضِينَ
(बाज़ को माना बाज को नहीं) तो ऐ रसूल तुम्हारे ही परवरदिगार की (अपनी) क़सम
92فَوَرَبِّكَ لَنَسْأَلَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ
कि हम उनसे जो कुछ ये (दुनिया में) किया करते थे (बहुत सख्ती से) ज़रुर बाज़ पुर्स (पुछताछ) करेंगे
93عَمَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ
पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो
94فَاصْدَعْ بِمَا تُؤْمَرُ وَأَعْرِضْ عَنِ الْمُشْرِكِينَ
और मुशरेकीन की तरफ से मुँह फेर लो
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अनुवाद — अल-हिज्र 92

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Tuesday, August 18, 2026

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