Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَوْلُنَا: हमारा कहना / हमारा आदेश
- لِشَيْءٍ: किसी चीज़ के लिए
- إِذَا أَرَدْنَاهُ: जब हम उसे चाहते हैं
- كُن: हो जा
- فَيَكُونُ: तो वह हो जाती है
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी कुदरत (शक्ति) का बयान कर रहे हैं कि मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करना और उन्हें उठाना हमारे लिए बिल्कुल आसान है। हमारा मामला जब किसी चीज़ को पैदा करने का होता है, तो हमें न किसी औज़ार की ज़रूरत होती है, न किसी मदद की, न किसी समय की। हमारा तरीक़ा सिर्फ़ यह है कि हम उस चीज़ को कहते हैं: "हो जा", और वह तुरंत हो जाती है। यह अल्लाह की शान है कि उसका आदेश जारी होते ही चीज़ें वजूद में आ जाती हैं, बिना किसी रुकावट या देरी के। यही हाल मुर्दों के ज़िंदा होने का है — जब अल्लाह चाहेगा, उनसे कहेगा "हो जाओ", और वे क़ब्रों से उठ खड़े होंगे। अल्लाह के लिए किसी भी चीज़ का पैदा करना, चाहे वह आसमान और ज़मीन जैसी बड़ी हो या मुर्दे को ज़िंदा करना जैसा मुश्किल काम, बिल्कुल एक जैसा आसान है। उसकी कुदरत के आगे कोई चीज़ मुश्किल नहीं, कोई चीज़ बड़ी नहीं।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह की कुदरत असीमित है — वह जब चाहे, जैसे चाहे, बिना किसी साधन के हर काम कर सकता है। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है कि अल्लाह के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं।
- क़ियामत के दिन मुर्दों का ज़िंदा होना यक़ीनी है, क्योंकि यह अल्लाह के लिए उतना ही आसान है जितना किसी चीज़ का पहली बार पैदा करना। इससे मुसलमान को आख़िरत के इम्तिहान की तैयारी का जज़्बा मिलता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें — जब वह किसी काम का इरादा कर लेता है, तो उसे पूरा करके ही रहता है। हमारी ज़िंदगी की हर मुश्किल, हर परेशानी अल्लाह के एक "कुन" (हो जा) से हल हो सकती है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह की रचना में कोई थकान या मेहनत नहीं — वह सिर्फ़ आदेश देता है और काम हो जाता है। यह हमें अल्लाह की बड़ाई और उसकी तारीफ़ की तरफ़ ले जाता है, और हमें उसके आगे अपनी कमज़ोरी और अहमियत का एहसास कराता है।
📜 आयत 38-42 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 40
सूरा अन-नहल आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम जब किसी चीज़ (के पैदा करने) का इरादा करते…सूरा आयत 40/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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