अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَالْأَنْعَامَ: चौपाये (ऊँट, गाय, बैल, भेड़, बकरी आदि)।
- دِفْءٌ: गर्मी से बचाव, यानी ऊन और बालों से बने कपड़े और तम्बू आदि।
- مَنَافِعُ: अन्य लाभ (दूध, खाल, सवारी, बोझ ढोना, आदि)।
- تَأْكُلُونَ: तुम खाते हो (इनका मांस)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी बड़ी नेमत (कृपा) का ज़िक्र किया है कि उसने चौपायों (ऊँट, गाय, बैल, भेड़, बकरी) को खासतौर पर इंसानों के लिए पैदा किया। इन जानवरों में इंसानों के लिए कई फायदे रखे हैं:
- दिफ़ा (गर्मी से बचाव): इनके ऊन, बाल और रोएं से कपड़े, कंबल, गलीचे और तम्बू बनाए जाते हैं, जिनसे इंसान सर्दी से अपनी हिफाज़त करता है। यह उनकी ज़िंदगी का एक बुनियादी ज़रिया है।
- मनाफ़े (अन्य लाभ): इनके दूध से पीने की चीज़ें, खाल से चमड़ा और जूते-चप्पल, और इनकी पीठ पर सवारी करना और सामान ढोना — ये सब इंसान के लिए बड़े काम की चीज़ें हैं। यानी इनसे इंसान को ज़िंदगी के कई ज़रूरी फायदे मिलते हैं।
- खाना: इन्हीं चौपायों के मांस से इंसान अपनी भूख मिटाता है और अपने शरीर को ताकत देता है। यानी इनका गोश्त इंसान के लिए रिज़्क़ (आजीविका) का ज़रिया है।
यह आयत बताती है कि अल्लाह ने ये सारे जानवर इंसान की खिदमत के लिए पैदा किए, और इंसान को चाहिए कि वह इन नेमतों को पहचाने और अल्लाह का शुक्र अदा करे।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की रहमत और कृपा का अंदाज़ा होता है कि उसने इंसान के लिए चौपायों को इस तरह मुसख़्खर (वश में) किया कि इंसान उन्हें अपने काम में लाता है — यह अल्लाह की कुदरत की निशानी है।
- इंसान को चाहिए कि वह इन जानवरों के साथ नेकी और रहम से पेश आए, क्योंकि ये अल्लाह की अमानत हैं और इंसान की खिदमत के लिए दी गई हैं।
- यह आयत इंसान को अल्लाह का शुक्रगुज़ार बनाती है — जब वह गर्म कपड़े पहनता है, दूध पीता है, या मांस खाता है, तो उसे याद रखना चाहिए कि ये सब अल्लाह की देन है।
- इससे ईमान मज़बूत होता है कि अल्लाह ही रिज़्क़ देने वाला है, और वही सब कुछ पैदा करने वाला है — इसलिए उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी से मदद मांगनी चाहिए।
📜 आयत 3-7 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 5
सूरा अन-नहल आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसी ने चरपायों को भी पैदा किया कि तुम्हारे लिए…सूरा आयत 5/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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