अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَسْمِعْ بِهِمْ وَأَبْصِرْ: यानी उनका सुनना और देखना कितना तेज़ होगा! यहाँ यह अचरज और हैरत के अंदाज़ में कहा गया है।
- يَوْمَ يَأْتُونَنَا: उस दिन जब वे हमारे सामने हाज़िर होंगे (यानी क़ियामत के दिन)।
- الظَّالِمُونَ: ज़ालिम लोग, यानी काफ़िर और मुशरिक।
- ضَلَالٍ مُبِينٍ: साफ़ और खुली गुमराही, हक़ से भटकाव।
तफ़सीर:
क़ियामत का दिन कितना हैरतअंगेज़ होगा! जब ये ज़ालिम लोग अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे, तो उनके कान और आँखें कितनी तेज़ हो जाएँगी — वे सब कुछ सुनेंगे और देखेंगे जो आज नहीं सुनते और नहीं देखते। लेकिन अफ़सोस! यह सुनना और देखना उस वक़्त उनके किसी काम नहीं आएगा, क्योंकि यह इम्तिहान का वक़्त नहीं होगा, बल्कि सज़ा और हिसाब का दिन होगा। वे उस दिन वो हक़ीक़तें देख लेंगे जिन्हें दुनिया में झुठलाते थे — जन्नत, जहन्नम, हिसाब, और अल्लाह की अज़मत — लेकिन यह देखना उन्हें नुक़्सान से नहीं बचा सकेगा।
मगर आज, इस दुनिया में, यही ज़ालिम लोग साफ़ गुमराही में पड़े हुए हैं। वे हक़ को छोड़कर बातिल पर चल रहे हैं, और अपनी इस गुमराही को महसूस भी नहीं करते। वे आख़िरत की तैयारी नहीं करते, और अचानक उन पर क़ियामत आ जाएगी, जबकि वे अपने ज़ुल्म और गुनाहों पर ही होंगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बड़ी सीख देती है — आज हमारे पास आँखें और कान हैं, हम देख और सुन सकते हैं। यह अल्लाह की बड़ी नेमत है। काश! हम इन नेमतों को हक़ की राह में इस्तेमाल करें — क़ुरआन सुनें, अल्लाह की आयतों पर ग़ौर करें, और सच्चाई को देखें। क़ियामत के दिन यही आँखें और कान हमारे ख़िलाफ़ गवाही देंगे। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को सही कर लें, क्योंकि आज का दिन अमल का दिन है, और कल का दिन सिर्फ़ हिसाब का दिन होगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 36-40 — मरियम
अनुवाद — मरियम 38
सूरा मरियम आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन ये लोग हमारे हुज़ूर में हाज़िर होंगे क्या…सूरा आयत 38/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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