अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- यौमुल हसरत (يوم الحسرة): पछतावे और अफसोस का दिन, यानी क़ियामत का दिन।
- क़ुज़ियल अम्र (قضي الأمر): फ़ैसला कर दिया जाएगा, मामला तय कर दिया जाएगा।
- ग़फ़्लत (غفلة): बेखबरी, लापरवाही, भूल-चूक।
- ला यु'मिनून (لا يؤمنون): ईमान नहीं लाते, विश्वास नहीं करते।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन लोगों को उस दिन से डराएँ, जो पछतावे और अफसोस का दिन होगा — यानी क़ियामत का दिन। उस दिन हर शख्स अपने किए पर पछताएगा। गुनाहगार इस बात पर अफसोस करेगा कि उसने गुनाह क्यों किए, और नेक इंसान इस बात पर कि उसने और ज़्यादा नेकियाँ क्यों नहीं कमाईं। उस दिन फ़ैसला सुना दिया जाएगा, हिसाब पूरा हो जाएगा, और हर इंसान अपने अंजाम तक पहुँच जाएगा — ईमानवाले जन्नत में और काफिर जहन्नम में। मौत को एक सफेद मेंढे की शक्ल में लाया जाएगा और उसे ज़ब्ह कर दिया जाएगा, ताकि हमेशा की ज़िंदगी शुरू हो जाए।
और ये लोग आज इस दुनिया में इस दिन से बिल्कुल बेखबर हैं, अपनी ख्वाहिशों और दुनियावी मामलों में लगे हुए हैं। वे इस पर ईमान नहीं रखते, न इसकी तैयारी करते हैं, न अच्छे काम करते हैं। उनकी यही ग़फ़्लत और नाफ़रमानी उस दिन उनके लिए सबसे बड़ा पछतावा बनेगी।
दावती पहलू (नसीहत):
ऐ अल्लाह के बंदो! यह दिन आने से पहले ही जाग जाओ। यह मौका हाथ से न जाने दो। आज जो तुम बेखबर हो, कल उस दिन पछताओगे, लेकिन पछतावा किसी काम न आएगा। आज ईमान लाओ, अच्छे काम करो, अल्लाह से माफ़ी माँगो। अल्लाह बड़ा मेहरबान और क्षमाशील है — वह चाहता है कि तुम उसकी तरफ लौट आओ। उस दिन का डर आज ही दिल में बिठा लो, ताकि कल तुम्हें पछताना न पड़े। जो आज सीधे रास्ते पर चलेगा, उस दिन उसकी आँखें ठंडी होंगी और वह जन्नत की नेमतों में हमेशा रहेगा। अल्लाह तआला हम सबको उस दिन की तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 37-41 — मरियम
अनुवाद — मरियम 39
सूरा मरियम आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम उनको हसरत (अफ़सोस) के दिन से…सूरा आयत 39/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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