मरियम · 54/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِسْمَاعِيلَ ۚ إِنَّهُ كَانَ صَادِقَ الْوَعْدِ وَكَانَ رَسُولًا نَّبِيًّا ۝٥٤
Wazkur fil Kitaabi ismaa`eel; innahoo kaana saadiqal wa`di wa kaana Rasoolan Nabiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) कुरान में इसमाईल का (भी) तज़किरा करो इसमें शक नहीं कि वह वायदे के सच्चे थे और भेजे हुए पैग़म्बर थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صَادِقَ الْوَعْدِ: वादे का सच्चा, जो वादा करे उसे पूरा करने वाला।
  • رَسُولًا نَّبِيًّا: रसूल (संदेशवाहक) और नबी (ईश्वर की ओर से खबर देने वाला)।

तफ़सीर:

ऐ नबी! तुम इस क़ुरआन में इस्माईल (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करो, जो इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के बेटे थे। वह अपने वादे में बहुत सच्चे थे—जब भी किसी से कोई वादा करते, उसे पूरा करके ही दम लेते। उन्होंने अपने पिता से जो वादा किया था कि वह सब्र करेंगे, उसे भी उन्होंने पूरा किया। अल्लाह ने उन्हें दो महान पद दिए: वह रसूल भी थे और नबी भी। वह क़ौमे-जुरहुम की ओर रसूल बनाकर भेजे गए थे और अल्लाह की तरफ से लोगों को सच्चा संदेश पहुँचाते थे।

यह ज़िक्र हमें सिखाता है कि सच्चाई और वादे की पूर्ति अल्लाह के प्यारे नबियों की सबसे बड़ी पहचान थी। इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की यह सिफ़त हमारे लिए एक बेहतरीन नमूना है—अगर हम चाहते हैं कि अल्लाह हमसे प्यार करे और लोग हम पर भरोसा करें, तो हमें अपने वादों को पूरा करने वाला बनना चाहिए। एक मुसलमान की ज़ुबान और उसका वादा उसकी ईमानदारी की निशानी है। जब हम वादा करें तो उसे निभाएँ, चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ। यही रास्ता हमें अल्लाह के करीब लाता है और हमारे दिलों को सुकून देता है। आइए, हम इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की इस सुन्नत को अपनाएँ और अपनी ज़िंदगी को सच्चाई और भरोसे की मिसाल बनाएँ।



📜 आयत 52-56 — मरियम

52وَنَادَيْنَاهُ مِن جَانِبِ الطُّورِ الْأَيْمَنِ وَقَرَّبْنَاهُ نَجِيًّا
और हमने उनको (कोहे तूर) की दाहिनी तरफ़ से आवाज़ दी और हमने उन्हें राज़ व नियाज़ की बातें करने के लिए अपने क़रीब बुलाया
53وَوَهَبْنَا لَهُ مِن رَّحْمَتِنَا أَخَاهُ هَارُونَ نَبِيًّا
और हमने उन्हें अपनी ख़ास मेहरबानी से उनके भाई हारून को (उनका वज़ीर बनाकर) इनायत फ़रमाया
54وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِسْمَاعِيلَ ۚ إِنَّهُ كَانَ صَادِقَ الْوَعْدِ وَكَانَ رَسُولًا نَّبِيًّا
(ऐ रसूल) कुरान में इसमाईल का (भी) तज़किरा करो इसमें शक नहीं कि वह वायदे के सच्चे थे और भेजे हुए पैग़म्बर थे
55وَكَانَ يَأْمُرُ أَهْلَهُ بِالصَّلَاةِ وَالزَّكَاةِ وَكَانَ عِندَ رَبِّهِ مَرْضِيًّا
और अपने घर के लोगों को नमाज़ पढ़ने और ज़कात देने की ताकीद किया करते थे और अपने परवरदिगार की बारगाह में पसन्दीदा थे
56وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِدْرِيسَ ۚ إِنَّهُ كَانَ صِدِّيقًا نَّبِيًّا
और (ऐ रसूल) कुरान में इदरीस का भी तज़किरा करो इसमें शक नहीं कि वह बड़े सच्चे (बन्दे और) नबी थे
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
54आयत

अनुवाद — मरियम 54

सूरा मरियम आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) कुरान में इसमाईल का (भी) तज़किरा करो इसमें…

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Tuesday, August 18, 2026

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