अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَكَادُ – क़रीब होती है, लगभग
- يَتَفَطَّرْنَ – फटने लगती हैं, टुकड़े-टुकड़े होने लगते हैं
- تَنشَقُّ – फट जाए, शिगाफ़्ता हो जाए
- تَخِرُّ – गिर पड़ें, ढह जाएँ
- هَدًّا – सख़्त गिरावट, ज़ोर से ढहना
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक और घिनौने क़ौल (वचन) के बारे में बयान करती है जो कुफ़्फ़ार और मुशरिकीन ने अल्लाह के बारे में कहा — कि उसकी कोई औलाद है। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि इस झूठे और बुहतानी क़ौल की शिद्दत और ख़ौफ़नाकी से:
- आसमानें फटने के क़रीब आ जाती हैं — यानी ये वह बात है जिससे आसमानों की बुनियाद हिल जाती है, वे चीरने-फटने लगती हैं, जैसे कोई चीज़ बर्दाश्त न कर पाए और फट पड़े।
- ज़मीन शिगाफ़्ता होने लगती है — यानी ज़मीन इस क़ौल से पसीजकर फटने लगती है, जैसे वह इस बात को सहन नहीं कर पा रही हो।
- पहाड़ सख़्त गिरावट के साथ ढह जाते हैं — यानी पहाड़, जो अपनी मज़बूती और अज़मत के लिए जाने जाते हैं, वे भी इस क़ौल के सदमे से टूटकर गिर पड़ते हैं।
यह सब कुछ अल्लाह के ग़ुस्से और नाराज़गी की वजह से है, क्योंकि उसकी पाक ज़ात के लिए औलाद का निस्बत देना — जो कि उसकी तमाम सिफ़ात के ख़िलाफ़ है — एक ऐसा जुर्म है जिससे पूरी कायनात काँप उठती है। अल्लाह तआला इससे बिल्कुल पाक और बरी है, और उसकी शान उससे कहीं बुलंद है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी पाकी का एहसास दिलाती है। जब पूरी कायनात — आसमान, ज़मीन और पहाड़ — अल्लाह की नाराज़गी से काँप उठते हैं, तो हम इंसानों को चाहिए कि हम अपनी ज़ुबान को हर उस बात से पाक रखें जो अल्लाह की शान के ख़िलाफ़ हो। हमें अपने अक़ीदे को सही रखना चाहिए और अल्लाह को हर ऐब से पाक और बरी जानना चाहिए। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के दीन की इज़्ज़त करनी चाहिए और उसके बारे में किसी भी तरह की बुरी बात या ग़लत अक़ीदे से बचना चाहिए। जो लोग अल्लाह के बारे में ग़लत अक़ीदा रखते हैं, वे दरअसल पूरी कायनात के साथ ज़ुल्म कर रहे हैं, क्योंकि उनकी यह बात पूरी कायनात के लिए नागवार है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की तौहीद (एकता) पर ईमान लाएँ और उसकी पाक ज़ात के बारे में सिर्फ़ वही कहें जो उसने ख़ुद अपने बारे में बयान किया है — कि वह एक है, बेनियाज़ है, न उसकी कोई औलाद है और न वह किसी का मोहताज है।
📜 आयत 88-92 — मरियम
अनुवाद — मरियम 90
सूरा मरियम आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि क़रीब है कि आसमान उससे फट पड़े और ज़मीन…सूरा आयत 90/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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