मरियम · 89/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
لَّقَدْ جِئْتُمْ شَيْئًا إِدًّا ۝٨٩
Laqad ji`tum shai`an iddaa
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुमने इतनी बड़ी सख्त बात अपनी तरफ से गढ़ के की है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • إِدًّا (इद्दन) — अत्यंत भयानक, बहुत बड़ा और घृणित काम।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों को संबोधित कर रहे हैं जिन्होंने अल्लाह के बारे में भयानक और झूठी बात कही — यानी यह दावा किया कि अल्लाह की कोई संतान है। अल्लाह फ़रमाता है: "तुम लोग अपने इस कथन से एक ऐसी चीज़ लेकर आए हो जो अत्यंत भयानक, घृणित और असंभव है।"

यह बात इतनी गंभीर है कि इससे पहले की आयतों में अल्लाह ने साफ़ कहा कि यह ऐसा कथन है जिससे आसमान फट पड़ते हैं, ज़मीन शिगाफ़्ता हो जाती है और पहाड़ टूटकर गिर जाते हैं। यानी यह झूठी बात पूरी कायनात के लिए नागवार है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और बुज़ुर्गी का एहसास कराती है। अल्लाह वह पाक ज़ात है जो हर कमी और हर बुराई से पाक है। वह न तो किसी का मोहताज है और न ही उसे कोई संतान की ज़रूरत है। वह सब कुछ पैदा करने वाला है, और हर चीज़ उसी की मिल्कियत में है।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के बारे में सिर्फ़ वही बात कहनी चाहिए जो उसने खुद अपनी किताब में बताई है। अल्लाह के बारे में गलत अक़ीदा रखना सबसे बड़ा गुनाह है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह को उसी तरह पहचानें जैसे उसने खुद अपनी ज़ात और सिफ़ात का तआरुफ़ कुरआन में कराया है — वह एक है, बेमिसाल है, बेनियाज़ है, और हर चीज़ से बड़ा है।

जो लोग इस हक़ीक़त को समझ जाते हैं और अपने अक़ीदे को सही कर लेते हैं, अल्लाह उनके गुनाह माफ़ कर देता है और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है। कुरआन में आगे ही अल्लाह फ़रमाता है कि रहमान के लिए संतान होना शोभा नहीं देता, बल्कि जो भी आसमानों और ज़मीन में है, वह सब उसी का बंदा है और उसी की बारगाह में हाज़िर होने वाला है।



📜 आयत 87-91 — सूरा मरियम

87لَّا يَمْلِكُونَ الشَّفَاعَةَ إِلَّا مَنِ اتَّخَذَ عِندَ الرَّحْمَٰنِ عَهْدًا
(उस दिन) ये लोग सिफारिश पर भी क़ादिर न होंगे मगर (वहाँ) जिस शख्स ने ख़ुदा से (सिफारिश का) एक़रा ले लिया हो
88وَقَالُوا اتَّخَذَ الرَّحْمَٰنُ وَلَدًا
और (यहूदी) लोग कहते हैं कि खुदा ने (अज़ीज़ को) बेटा बना लिया है
89لَّقَدْ جِئْتُمْ شَيْئًا إِدًّا
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुमने इतनी बड़ी सख्त बात अपनी तरफ से गढ़ के की है
90تَكَادُ السَّمَاوَاتُ يَتَفَطَّرْنَ مِنْهُ وَتَنشَقُّ الْأَرْضُ وَتَخِرُّ الْجِبَالُ هَدًّا
कि क़रीब है कि आसमान उससे फट पड़े और ज़मीन शिगाफता हो जाए और पहाड़ टुकड़े-टुकडे होकर गिर पड़े
91أَن دَعَوْا لِلرَّحْمَٰنِ وَلَدًا
इस बात से कि उन लोगों ने खुदा के लिए बेटा क़रार दिया
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
89आयत

अनुवाद — मरियम 89

सूरा मरियम आयत 89 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुमने इतनी बड़ी सख्त…

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Thursday, October 1, 2026

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