मरियम · 95/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَكُلُّهُمْ آتِيهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَرْدًا ۝٩٥
Wa kulluhum aateehi Yawmal Qiyaamati fardaa
📖 हिंदी अर्थ
और ये सब उसके सामने क़यामत के दिन अकेले (अकेले) हाज़िर होंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آتِيهِ (आतिहि): उसके पास आने वाला
  • فَرْدًا (फ़र्दन): अकेला, अकेले-अकेले

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस महान सत्य को बयान करती है जिसे हर इंसान को समझना चाहिए। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन हर इंसान—चाहे वह दुनिया में कितना ही बड़ा, कितना ही ताक़तवर, कितना ही अमीर और कितना ही प्रभावशाली क्यों न रहा हो—अपने रब के सामने अकेला हाज़िर होगा। उस दिन न उसका धन उसके काम आएगा, न उसकी औलाद, न उसके रिश्तेदार, न उसके दोस्त, न उसकी दुनियावी ताक़त। हर इंसान बिल्कुल अकेला, नंगे पाँव, नंगे बदन, उसी तरह अल्लाह के सामने खड़ा होगा जैसे वह पैदा हुआ था।

यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की सारी चीज़ें—धन, संतान, पद, प्रतिष्ठा—सब कुछ यहीं रह जाएगा। जो इंसान आज अपने धन और औलाद पर इतराता है, वह क़ियामत के दिन बिल्कुल अकेला होगा। उसके पास न कोई सहारा होगा, न कोई मददगार, न कोई सिफ़ारिश करने वाला। वहाँ सिर्फ़ उसके अच्छे या बुरे कर्म होंगे जो उसके साथ होंगे।

यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत और चेतावनी है। यह हमें सिखाती है कि हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए जब हम अकेले होंगे। आज हम जो अच्छे कर्म करेंगे, वही हमारे साथी होंगे। आज हम जो नेकी कमाएँगे, वही हमारी पूँजी होगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया की चमक-दमक में न खो जाएँ, बल्कि उस दिन को याद रखें जब हम अकेले अपने रब के सामने खड़े होंगे।

यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की ओर भी इशारा करती है कि जो इंसान इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करता है और उसके हुक्मों पर चलता है, उसके लिए उस दिन अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत हाज़िर होगी। जो लोग दुनिया में अल्लाह को याद करते हैं, अल्लाह उन्हें उस दिन अकेलेपन में अकेला नहीं छोड़ेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा और उन्हें जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।

इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! आइए हम इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ। आइए हम अच्छे कर्म करें, नेकी कमाएँ और उस दिन की तैयारी करें जब हम अकेले अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। याद रखें, वह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान को अपने कर्मों का फल मिलेगा। अल्लाह हम सबको सीधा रास्ता दिखाए और हमें उस दिन की तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 93-97 — मरियम

93إِن كُلُّ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ إِلَّا آتِي الرَّحْمَٰنِ عَبْدًا
सारे आसमान व ज़मीन में जितनी चीज़े हैं सब की सब खुदा के सामने बन्दा ही बनकर आने वाली हैं उसने यक़ीनन सबको अपने (इल्म) के अहाते में घेर लिया है
94لَّقَدْ أَحْصَاهُمْ وَعَدَّهُمْ عَدًّا
और सबको अच्छी तरह गिन लिया है
95وَكُلُّهُمْ آتِيهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَرْدًا
और ये सब उसके सामने क़यामत के दिन अकेले (अकेले) हाज़िर होंगे
96إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ سَيَجْعَلُ لَهُمُ الرَّحْمَٰنُ وُدًّا
बेशक जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए अनक़रीब ही खुदा उन की मोहब्बत (लोगों के दिलों में) पैदा कर देगा
97فَإِنَّمَا يَسَّرْنَاهُ بِلِسَانِكَ لِتُبَشِّرَ بِهِ الْمُتَّقِينَ وَتُنذِرَ بِهِ قَوْمًا لُّدًّا
(ऐ रसूल) हमने उस कुरान को तुम्हारी (अरबी) जुबान में सिर्फ इसलिए आसान कर दिया है कि तुम उसके ज़रिए से परहेज़गारों को (जन्नत की) खुशख़बरी दो और (अरब की) झगड़ालू क़ौम को (अज़ाबे खुदा से) डराओ
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
95आयत

अनुवाद — मरियम 95

सूरा मरियम आयत 95 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये सब उसके सामने क़यामत के दिन अकेले (अकेले)…

सूरा आयत 95/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 93–97. हिंदी अर्थ: اردو.




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Wednesday, August 19, 2026

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