अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آتِيهِ (आतिहि): उसके पास आने वाला
- فَرْدًا (फ़र्दन): अकेला, अकेले-अकेले
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस महान सत्य को बयान करती है जिसे हर इंसान को समझना चाहिए। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन हर इंसान—चाहे वह दुनिया में कितना ही बड़ा, कितना ही ताक़तवर, कितना ही अमीर और कितना ही प्रभावशाली क्यों न रहा हो—अपने रब के सामने अकेला हाज़िर होगा। उस दिन न उसका धन उसके काम आएगा, न उसकी औलाद, न उसके रिश्तेदार, न उसके दोस्त, न उसकी दुनियावी ताक़त। हर इंसान बिल्कुल अकेला, नंगे पाँव, नंगे बदन, उसी तरह अल्लाह के सामने खड़ा होगा जैसे वह पैदा हुआ था।
यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की सारी चीज़ें—धन, संतान, पद, प्रतिष्ठा—सब कुछ यहीं रह जाएगा। जो इंसान आज अपने धन और औलाद पर इतराता है, वह क़ियामत के दिन बिल्कुल अकेला होगा। उसके पास न कोई सहारा होगा, न कोई मददगार, न कोई सिफ़ारिश करने वाला। वहाँ सिर्फ़ उसके अच्छे या बुरे कर्म होंगे जो उसके साथ होंगे।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत और चेतावनी है। यह हमें सिखाती है कि हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए जब हम अकेले होंगे। आज हम जो अच्छे कर्म करेंगे, वही हमारे साथी होंगे। आज हम जो नेकी कमाएँगे, वही हमारी पूँजी होगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया की चमक-दमक में न खो जाएँ, बल्कि उस दिन को याद रखें जब हम अकेले अपने रब के सामने खड़े होंगे।
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की ओर भी इशारा करती है कि जो इंसान इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करता है और उसके हुक्मों पर चलता है, उसके लिए उस दिन अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत हाज़िर होगी। जो लोग दुनिया में अल्लाह को याद करते हैं, अल्लाह उन्हें उस दिन अकेलेपन में अकेला नहीं छोड़ेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा और उन्हें जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।
इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! आइए हम इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ। आइए हम अच्छे कर्म करें, नेकी कमाएँ और उस दिन की तैयारी करें जब हम अकेले अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। याद रखें, वह दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान को अपने कर्मों का फल मिलेगा। अल्लाह हम सबको सीधा रास्ता दिखाए और हमें उस दिन की तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 93-97 — मरियम
अनुवाद — मरियम 95
सूरा मरियम आयत 95 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये सब उसके सामने क़यामत के दिन अकेले (अकेले)…सूरा आयत 95/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 93–97. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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