Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَحْصَاهُمْ (अह्साहुम): उन्हें पूरी तरह से जान लिया, गिन लिया, उनकी संख्या का पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर लिया।
- وَعَدَّهُمْ عَدًّا (वअद्दहुम अद्दन): उन्हें एक-एक करके गिना, उनकी पूरी गिनती अपने ज्ञान में रखी।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों को बता रहे हैं कि उन्होंने अपनी सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) का पूरा इहाता (घेराव) कर रखा है। अल्लाह के ज्ञान से कोई भी चीज़ छिपी नहीं है, चाहे वह कितनी ही छोटी या बड़ी क्यों न हो। वह हर इंसान को उसके नाम, उसके कर्म, उसकी उम्र, उसके रिज़्क़ (रोज़ी) और उसके अंजाम तक को जानता है। यहाँ "गिनना" का अर्थ है कि अल्लाह के पास हर शख्स का पूरा रिकॉर्ड है, उसकी संख्या, उसके काम, सब कुछ उसके इल्म में है। यह बात उस आयत के सिलसिले में कही गई है जिसमें कुछ लोगों ने यह दावा किया था कि अल्लाह की कोई औलाद है। अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि सारे इंसान और जिन्नात उसके बंदे हैं, उसकी औलाद नहीं। वह उन सबको गिनता है और उनकी पूरी संख्या और हालात से वाक़िफ़ है। क़यामत के दिन हर एक अकेला उसके सामने हाज़िर होगा, और उसे अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। यह अल्लाह की उस कुदरत और इल्म की निशानी है जो उसके सिवा किसी को हासिल नहीं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसके पूर्ण ज्ञान पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमें देख रहा है, हमारे हर अमल को जानता है और हमारी हर साँस को गिन रहा है, तो हमारे दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा होता है और हमें अपने आपको सुधारने की तौफ़ीक़ मिलती है। यह जानना कि अल्लाह हमारी हर नेकी और हर बुराई को गिन रहा है, हमें नेक कामों की तरफ़ राग़िब करता है और गुनाहों से दूर रखता है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब हमें कभी नहीं भूलता, वह हमारी हर दुआ सुनता है और हमारी हर कोशिश को जानता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहें और उसकी रहमत के तलबगार बने रहें, क्योंकि वही हमारा मालिक है और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है।
📜 आयत 92-96 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 94
सूरा मरियम आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सबको अच्छी तरह गिन लिया हैसूरा आयत 94/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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