Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَدُوٌّ – शत्रु
- لَكَ وَلِزَوْجِكَ – तुम्हारे और तुम्हारी पत्नी के लिए
- فَلَا يُخْرِجَنَّكُمَا – वह तुम दोनों को न निकाल दे
- فَتَشْقَى – तो तुम मुश्किल और तकलीफ में पड़ जाओगे
तफसीर:
अल्लाह तआला ने आदम अलैहिस्सलाम को जन्नत में रखने के बाद उन्हें साफ़ और स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐ आदम! ये इब्लीस तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी हव्वा का खुला दुश्मन है। ये कोई साधारण दुश्मनी नहीं, बल्कि ये तुम दोनों को जन्नत से निकलवाने की कोशिश में लगा हुआ है। अल्लाह ने उन्हें आगाह किया कि इसके बहकावे में मत आना, इसकी बात मत मानना, क्योंकि अगर तुमने इसकी बात मान ली तो ये तुम्हें जन्नत से निकलवा देगा और फिर तुम दुनिया की मुश्किलों, मेहनत-मशक्कत और तकलीफों में पड़ जाओगे।
यहाँ अल्लाह ने खास तौर पर आदम अलैहिस्सलाम से कहा "فَتَشْقَى" (तो तुम मुश्किल में पड़ जाओगे), क्योंकि दुनिया में रोज़ी-रोटी कमाने, खाने-पीने, पहनने और दूसरी ज़रूरतों के लिए मेहनत करने की ज़िम्मेदारी आम तौर पर मर्दों पर होती है। ये एक बड़ी रहमत और नेमत है कि अल्लाह ने अपने नबी को दुश्मन की पहचान करा दी, ताकि वो उसके धोखे से बच सकें।
इस आयत से हमें ये सबक मिलता है कि शैतान इंसान का सबसे पुराना और पक्का दुश्मन है। जिस तरह अल्लाह ने आदम अलैहिस्सलाम को दुश्मन से आगाह किया, उसी तरह हमें भी शैतान के हथकंडों से बचकर रहना चाहिए। शैतान हमें भी जन्नत की नेमतों से दूर करने की कोशिश करता है, लेकिन अल्लाह की बताई हुई राह पर चलकर हम उसके धोखे से महफूज़ रह सकते हैं। ये अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें कुरआन में शैतान की चालों से आगाह किया है, ताकि हम उसके जाल में न फँसें और जन्नत की कामयाबी हासिल कर सकें।
📜 आयत 115-119 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 117
सूरा ताहा आयत 117 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो मैंने (आदम से कहा) कि ऐ आदम ये यक़ीनी…सूरा आयत 117/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 115–119. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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