ताहा · 118/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
إِنَّ لَكَ أَلَّا تَجُوعَ فِيهَا وَلَا تَعْرَىٰ ۝١١٨
Innaa laka allaa tajoo`a feeha wa laa ta`raa
📖 हिंदी अर्थ
कुछ शक नहीं कि (बेहिश्त में) तुम्हें ये आराम है कि न तो तुम यहाँ भूके रहोगे और न नँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لا تَجُوعَ: भूखा न रहना, भूख का अनुभव न करना।
  • لا تَعْرَى: नग्न न होना, वस्त्रहीन न रहना।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ आदम (अलैहिस्सलाम)! तुम्हारे लिए इस जन्नत में यह सुविधा है कि तुम्हें कभी भूख का सामना नहीं करना पड़ेगा और न ही कभी नग्नता का दुख झेलना पड़ेगा। यह अल्लाह तआला की ओर से आदम (अलैहिस्सलाम) के लिए एक विशेष अनुग्रह और सम्मान है कि उन्हें जन्नत में हर प्रकार की सुख-सुविधाएँ प्रदान की गईं। भूख और नग्नता मनुष्य के लिए दो बड़ी कठिनाइयाँ हैं, जो दुनिया में उसे परेशान करती हैं, लेकिन जन्नत में इन दोनों से पूर्ण मुक्ति दी गई है। यहाँ तक कि जन्नत के निवासियों को न तो भूख सताएगी और न ही उन्हें वस्त्रों की कमी होगी। यह अल्लाह की उस महान दया का प्रमाण है जो उसने अपने प्यारे बंदों के लिए जन्नत में रखी है।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों की हर आवश्यकता का ध्यान रखता है। जिस प्रकार उसने आदम (अलैहिस्सलाम) को जन्नत में हर सुख-सुविधा दी, उसी प्रकार वह अपने नेक बंदों को दुनिया में भी रिज़्क़ प्रदान करता है और आख़िरत में उन्हें ऐसी जन्नत देगा जहाँ कोई कमी नहीं होगी। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी रहमत के भूखे रहें, क्योंकि उसकी रहमत और दया असीम है। जन्नत की यह नेमत उन्हीं को मिलेगी जो दुनिया में अल्लाह के बताए रास्ते पर चलेंगे और उसकी इबादत करेंगे। अल्लाह तआला ने अपने बंदों के लिए जो कुछ भी तैयार किया है, वह किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने उसकी कल्पना नहीं की।



📜 आयत 116-120 — सूरा ताहा

116وَإِذْ قُلْنَا لِلْمَلَائِكَةِ اسْجُدُوا لِآدَمَ فَسَجَدُوا إِلَّا إِبْلِيسَ أَبَىٰ
और हमने उनमें साबित व इस्तक़लाल न पाया और जब हमने फ़रिश्तों से कहा कि आदम को सजदा करो तो सबने सजदा किया मगर शैतान ने इन्कार किया
117فَقُلْنَا يَا آدَمُ إِنَّ هَٰذَا عَدُوٌّ لَّكَ وَلِزَوْجِكَ فَلَا يُخْرِجَنَّكُمَا مِنَ الْجَنَّةِ فَتَشْقَىٰ
तो मैंने (आदम से कहा) कि ऐ आदम ये यक़ीनी तुम्हारा और तुम्हारी बीवी का दुशमन है तो कहीं तुम दोनों को बेहिश्त से निकलवा न छोड़े तो तुम (दुनिया की) मुसीबत में फँस जाओ
118إِنَّ لَكَ أَلَّا تَجُوعَ فِيهَا وَلَا تَعْرَىٰ
कुछ शक नहीं कि (बेहिश्त में) तुम्हें ये आराम है कि न तो तुम यहाँ भूके रहोगे और न नँगे
119وَأَنَّكَ لَا تَظْمَأُ فِيهَا وَلَا تَضْحَىٰ
और न यहाँ प्यासे रहोगे और न धूप खाओगे
120فَوَسْوَسَ إِلَيْهِ الشَّيْطَانُ قَالَ يَا آدَمُ هَلْ أَدُلُّكَ عَلَىٰ شَجَرَةِ الْخُلْدِ وَمُلْكٍ لَّا يَبْلَىٰ
तो शैतान ने उनके दिल में वसवसा डाला (और) कहा ऐ आदम क्या मैं तम्हें (हमेशगी की ज़िन्दगी) का दरख्त और वह सल्तनत जो कभी ज़ाएल न हो बता दूँ
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
118आयत

अनुवाद — ताहा 118

सूरा ताहा आयत 118 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कुछ शक नहीं कि (बेहिश्त में) तुम्हें ये आराम है…

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Saturday, October 3, 2026

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