ताहा · 16/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
فَلَا يَصُدَّنَّكَ عَنْهَا مَن لَّا يُؤْمِنُ بِهَا وَاتَّبَعَ هَوَاهُ فَتَرْدَىٰ ۝١٦
Falaa yasuddannnaka `anhaa mal laa yu`minu bihaa wattaba`a hawaahu fatardaa
📖 हिंदी अर्थ
तो (कहीं) ऐसा न हो कि जो शख्स उसे दिल से नहीं मानता और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश के पीछे पड़ा वह तुम्हें इस (फिक्र) से रोक दे तो तुम तबाह हो जाओगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • يَصُدَّنَّكَ – तुम्हें रोके / विचलित करे
  • اتَّبَعَ هَوَاهُ – अपनी इच्छाओं का पालन किया
  • فَتَرْدَى – तो तुम हलाक (विनष्ट) हो जाओगे

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को नसीहत करते हुए फ़रमाता है कि ऐ मूसा! जो लोग क़ियामत के दिन पर ईमान नहीं रखते और जिन्होंने अपनी नफ़्सानी ख्वाहिशों को अपना माबूद बना लिया है, वे तुम्हें उस दिन पर ईमान लाने और उसकी तैयारी करने से हरगिज़ न रोकें। यह लोग अपनी हवा-ओ-हवस (इच्छाओं) की पैरवी करते हैं, और इसी वजह से उन्होंने क़ियामत के आने को झुठलाया है।

अगर तुमने इन लोगों की बातों में आकर सच्चाई से मुँह मोड़ा, तो तुम हलाकत (विनाश) के गड्ढे में गिर जाओगे। यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को साफ़ चेतावनी दे रहा है कि ईमान और अमल-ए-सालिह (नेक काम) ही नजात का ज़रिया है, और इनकार करने वालों की संगत इंसान को बरबाद कर देती है।

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक नसीहत है जो अल्लाह के दीन पर चलना चाहता है। शैतान और उसके साथी हमेशा कोशिश करते हैं कि इंसान को आख़िरत की तैयारी से रोकें, उसे दुनिया की चमक-दमक में उलझाएँ और उसके दिल से क़ियामत का ख़ौफ़ निकाल दें। लेकिन अक़्लमंद वही है जो इन बहकाने वालों की परवाह न करे, अपने रब की इबादत में मशगूल रहे और उस दिन के लिए ज़ख़ीरा (पूँजी) जमा करे जब कोई माल और औलाद काम न आएगी।

प्यारे भाइयो! याद रखिए, जो लोग आपको अल्लाह की राह से रोकते हैं, वे आपके दुश्मन हैं, चाहे वे कितने ही करीबी क्यों न हों। उनकी बातें सुनकर अपने आख़िरत को बरबाद मत कीजिए। हज़रत मूसा जैसे नबी को जब यह ताकीद दी गई, तो हम जैसे आम लोगों को तो और भी ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो क़ियामत पर ईमान रखते हैं और उसकी तैयारी में जुटे रहते हैं। आमीन।



📜 आयत 14-18 — ताहा

14إِنَّنِي أَنَا اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنَا فَاعْبُدْنِي وَأَقِمِ الصَّلَاةَ لِذِكْرِي
इसमें शक नहीं कि मैं ही वह अल्लाह हूँ कि मेरे सिवा कोई माबूद नहीं तो मेरी ही इबादत करो और मेरी याद के लिए नमाज़ बराबर पढ़ा करो
15إِنَّ السَّاعَةَ آتِيَةٌ أَكَادُ أُخْفِيهَا لِتُجْزَىٰ كُلُّ نَفْسٍ بِمَا تَسْعَىٰ
(क्योंकि) क़यामत ज़रूर आने वाली है और मैं उसे लामहौला छिपाए रखूँगा ताकि हर शख्स (उसके ख़ौफ से नेकी करे) और वैसी कोशिश की है उसका उसे बदला दिया जाए
16فَلَا يَصُدَّنَّكَ عَنْهَا مَن لَّا يُؤْمِنُ بِهَا وَاتَّبَعَ هَوَاهُ فَتَرْدَىٰ
तो (कहीं) ऐसा न हो कि जो शख्स उसे दिल से नहीं मानता और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश के पीछे पड़ा वह तुम्हें इस (फिक्र) से रोक दे तो तुम तबाह हो जाओगे
17وَمَا تِلْكَ بِيَمِينِكَ يَا مُوسَىٰ
और ऐ मूसा ये तुम्हारे दाहिने हाथ में क्या चीज़ है
18قَالَ هِيَ عَصَايَ أَتَوَكَّأُ عَلَيْهَا وَأَهُشُّ بِهَا عَلَىٰ غَنَمِي وَلِيَ فِيهَا مَآرِبُ أُخْرَىٰ
अर्ज़ की ये तो मेरी लाठी है मैं उस पर सहारा करता हूँ और इससे अपनी बकरियों पर (और दरख्तों की) पत्तियाँ झाड़ता हूँ और उसमें मेरे और भी मतलब हैं
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अनुवाद — ताहा 16

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सूरा आयत 16/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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