अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَتَى: कब, किस समय
- هَذَا الْوَعْدُ: यह वादा (यानी क़ियामत और अज़ाब का वादा)
- صَادِقِينَ: सच्चे, सत्यवादी
तफ़सीर:
काफ़िर और मुन्किरे-आख़िरत लोग मज़ाक़ और तंज़ के अंदाज़ में कहते हैं कि "यह वादा कब पूरा होगा? बताओ कि वह कौन सा समय है जब हम पर अज़ाब आएगा और क़ियामत बरपा होगी? अगर तुम (मुहम्मद और तुम्हारे साथी) अपने इस दावे में सच्चे हो तो वह वादा कब आएगा?"
यह सवाल उन्होंने इसलिए किया क्योंकि वे आख़िरत और हिसाब-किताब को नहीं मानते थे। वे सोचते थे कि यह बात महज़ एक झूठ है जो मुहम्मद ﷺ और उनके साथियों ने गढ़ रखी है। इसलिए वे बार-बार तंज़ के लहजे में पूछते थे कि "यह अज़ाब कब आएगा?" — जैसे कि वे इस बात को असंभव और मज़ाक़िया समझते हों।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का वादा सच्चा है और उसका आना निश्चित है। चाहे लोग मज़ाक़ उड़ाएँ या जल्दबाज़ी दिखाएँ, अल्लाह का फ़ैसला अपने वक़्त पर ज़रूर आएगा। क़ुरआन में कई जगह अल्लाह ने फ़रमाया है कि जो लोग अज़ाब की जल्दी मचाते हैं, वे उसे देखकर पछताएँगे, लेकिन तब पछतावा काम नहीं आएगा।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें आख़िरत पर पक्का यक़ीन रखना चाहिए और उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए। जो लोग आज मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, कल उन्हीं को अपनी हरकतों पर पछताना होगा। मोमिन का काम है सब्र और यक़ीन के साथ अल्लाह के वादे का इंतज़ार करना और अच्छे आमाल करते रहना। अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता — वह अपने वक़्त पर ज़रूर पूरा होगा, चाहे लोग मानें या न मानें।
📜 आयत 36-40 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 38
सूरा अल-अंबिया आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लुत्फ़ तो ये है कि कहते हैं कि अगर…सूरा आयत 38/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








