अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتِي: मेरी आयतें, अर्थात अल्लाह की नाज़िल की हुई आयतें (क़ुरआन)।
- تُتْلَى: पढ़ी जाती थीं, सुनाई जाती थीं।
- تُكَذِّبُونَ: झुठलाते थे, अस्वीकार करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन जब अल्लाह के नेक बंदे जन्नत की नेअमतों में होंगे और काफ़िर व मुनाफ़िक़ीन जहन्नम की आग में जल रहे होंगे, तो उनसे पूछा जाएगा: "क्या मेरी आयतें तुम्हारे सामने नहीं पढ़ी जाती थीं? क्या तुम्हें क़ुरआन की आयतें नहीं सुनाई गई थीं?" यह प्रश्न उन्हें झिड़काने और उनके किए पर पछतावा दिलाने के लिए होगा। दुनिया में उनके पास अल्लाह की रहमत, हिदायत और नसीहत आई, लेकिन उन्होंने उसे झुठलाया और उसका मज़ाक उड़ाया। अब वहाँ कोई बहाना नहीं चलेगा, कोई तौबा क़बूल नहीं होगी, और न ही कोई सिफ़ारिश उनके काम आएगी। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने इंसान को आज़ाद छोड़ दिया है, लेकिन साथ ही उसे रास्ता भी दिखा दिया है। जिसने हिदायत की राह अपनाई, वह कामयाब हुआ, और जिसने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, उसका अंजाम यही है।
दावती पहलू:
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक ज़ोरदार चेतावनी है जो क़ुरआन की आयतों को सुनकर भी उनसे ग़ाफ़िल रहता है या उन्हें झुठलाता है। अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से हमें क़ुरआन जैसी नेअमत दी है, जो हमारे लिए रौशनी, शिफ़ा और रहमत है। हमें चाहिए कि हम क़ुरआन को सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि उस पर अमल करें और उसे अपनी ज़िंदगी का नक़्शा बनाएँ। याद रखें, आज जो आयतें हमारे सामने पढ़ी जाती हैं, वही कल हमारे लिए गवाह होंगी — या तो हमारे पक्ष में या हमारे विरुद्ध। आइए, हम क़ुरआन को अपना साथी बनाएँ, उस पर ग़ौर करें, और उसकी तालीमात पर चलकर उस दिन की शर्मिंदगी से बचें, जब कोई माफ़ी नहीं मिलेगी। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 103-107 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 105
सूरा अल-मोमिनुन आयत 105 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस वक्त हम पूछेंगें) क्या तुम्हारे सामने मेरी आयतें न…सूरा आयत 105/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 103–107. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








