Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبَّنَا: हे हमारे पालनहार!
- أَخْرِجْنَا: हमें निकाल दे।
- مِنْهَا: उस (जहन्नम की आग) से।
- فَإِنْ عُدْنَا: फिर यदि हम लौट आएं (दुनिया में)।
- فَإِنَّا ظَالِمُونَ: तो हम निश्चित रूप से अत्याचारी (ज़ालिम) होंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वह दृश्य है जब अहले जहन्नम (नरक के लोग) अपनी भयानक यातना से तंग आकर अपने रब से फ़रियाद करेंगे। वे कहेंगे: "हे हमारे पालनहार! हमें इस आग से निकाल दे, हमें एक बार फिर दुनिया में भेज दे। अगर हम दोबारा तेरी नाफ़रमानी करें, तेरे हुक्मों की अवहेलना करें और कुफ्र व गुमराही की राह पर लौट जाएं, तो हम खुद पर ज़ुल्म करने वाले हैं, हमारा कोई उज़्र (बहाना) नहीं होगा।"
यह अहले नरक की वह दर्दनाक दुआ है जो वे अपनी सज़ा की सख्ती से बेहाल होकर करेंगे। वे अब समझ चुके होंगे कि दुनिया में जो कुछ उन्होंने किया, वह सरासर ज़ुल्म था — अपनी रूह पर, अपने रब के हुक्म की खिलाफ़वरज़ी करके। मगर अफ़सोस! यह एहसास उन्हें उस वक्त हुआ जब मौका हाथ से निकल चुका था। क़ुरआन हमें बताता है कि उनकी यह दुआ क़ुबूल नहीं होगी, क्योंकि दुनिया ही आज़माइश की जगह थी, और वहाँ लौटना अब मुमकिन नहीं।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। यह हमें बताती है कि दुनिया की ज़िंदगी एक बार ही मिली है — यह कोई रिहर्सल नहीं है। आज हम जिस आज़ादी में हैं, जिस मौके पर हैं, यही वह वक़्त है जब हमें अपने रब की इबादत करनी है, उसके हुक्मों पर चलना है। अगर हम आज गुमराही में जी रहे हैं, तो कल पछताने का कोई फ़ायदा नहीं होगा। अल्लाह तआला बेहद रहीम और करीम है — उसने हमें हज़ारों मौके दिए हैं, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आइए, हम इस नेमत की क़द्र करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें, ताकि उस दिन हमें यह फ़रियाद न करनी पड़े, बल्कि हम जन्नत की नेमतों में ख़ुशहाल हों।
📜 आयत 105-109 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 107
सूरा अल-मोमिनुन आयत 107 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : परवरदिगार हमको (अबकी दफा) किसी तरह इस जहन्नुम से निकाल…सूरा आयत 107/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 105–109. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


