अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لِفُرُوجِهِمْ: अपने गुप्तांगों की (शर्मगाहों की)
- حَافِظُونَ: रक्षा करने वाले, संरक्षित रखने वाले
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने सच्चे और नेक बंदों की एक और खूबी बयान कर रहे हैं। ये वे लोग हैं जो अपनी शर्मगाहों की रक्षा करते हैं—यानी वे हर उस चीज़ से बचते हैं जो अल्लाह ने हराम किया है, चाहे वह ज़िना (व्यभिचार) हो, लिवात (समलैंगिकता) हो या कोई और अश्लील कार्य। वे अपनी पवित्रता और इज़्ज़त को हर उस चीज़ से बचाते हैं जो अल्लाह की नाराज़गी का कारण बने।
ये मोमिनीन अपने आपको पूरी तरह से पाक और पवित्र रखते हैं। वे न केवल ज़िना से बचते हैं, बल्कि उन सभी रास्तों और ज़रियों से भी दूर रहते हैं जो उसकी तरफ ले जाते हैं—जैसे बुरी नज़र, बुरी सोहबत, अश्लील बातें और हराम रिश्ते। उनका दिल, उनकी आँखें और उनके हाथ सब पाक होते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि असली ईमान सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि अपने अंगों को गुनाह से बचाने से है। जो व्यक्ति अपनी पवित्रता की रक्षा करता है, अल्लाह उससे महब्बत करता है और उसे दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है।
इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है—हमें अपनी निगाहें नीची रखनी चाहिए, अपने दिल को पाक रखना चाहिए और अपने आपको हर उस चीज़ से बचाना चाहिए जो अल्लाह की नाराज़गी का सबब बने। यही पाकी और पवित्रता हमें जन्नत की तरफ ले जाने वाला रास्ता दिखाती है। अल्लाह तआला हम सबको इस खूबी से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 3-7 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 5
सूरा अल-मोमिनुन आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो (अपनी) शर्मगाहों को (हराम से) बचाते हैंसूरा आयत 5/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








