अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَإِذَا مِتْنَا: क्या जब हम मर जाएँगे
- وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا: और हम मिट्टी और हड्डियाँ बन जाएँगे
- أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ: क्या हमें (दोबारा) उठाया जाएगा
तफसीर:
यह आयत उन काफिरों की बात बयान कर रही है जो आख़िरत के दिन को नहीं मानते थे। वे अत्यंत आश्चर्य और इनकार के साथ कहते थे: "क्या जब हम मर जाएँगे और हमारे शरीर मिट्टी में मिलकर बिखर जाएँगे, हमारी हड्डियाँ सड़-गलकर राख हो जाएँगी, तो क्या हमें दोबारा जीवित करके उठाया जाएगा?" वे इस बात को असंभव और नामुमकिन समझते थे, और इसे बड़े ही आश्चर्य और मज़ाक़ के अंदाज़ में कहते थे।
उनका यह कहना उनकी नासमझी और अहमकी को दर्शाता है। उन्होंने उस शक्ति को भुला दिया जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया। जो उन्हें पहली बार पैदा कर सकता है, क्या वह उन्हें दोबारा नहीं उठा सकता? यह उनकी सोच की कमी है कि वे अल्लाह की क़ुदरत को सीमित समझते हैं।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है — कि यह दुनिया कोई अंजाम नहीं है, बल्कि एक इम्तिहान की जगह है। जिस दिन हमारी आँखें बंद होंगी और हमें क़ब्र में रखा जाएगा, वह अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है। अल्लाह तआला जिसने हमें पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यह क़यामत का दिन हर उस इंसान के लिए इंसाफ़ का दिन होगा जिसने इस दुनिया में अच्छे या बुरे कर्म किए।
इसलिए हमें चाहिए कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। जो लोग आज इस पर शक करते हैं, वे कल जब इसका सामना करेंगे तो पछताएँगे, लेकिन पछताने का वक़्त नहीं मिलेगा। अल्लाह की क़ुदरत पर यक़ीन रखें, क्योंकि वह हर चीज़ पर क़ादिर है। यही ईमान हमें ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाता है और हमें अच्छे कामों की तरफ़ रहनुमाई करता है।
📜 आयत 80-84 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 82
सूरा अल-मोमिनुन आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जब हम मर जाएँगें और (मरकर) मिट्टी (का ढ़ेर)…सूरा आयत 82/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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