अल-मोमिनुन · 82/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
قَالُوا أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ ۝٨٢
Qaalooo `a-izaa mitnaa wa kunnaa turaabanw wa `izaaman `a-innaa lamab `oosoon
📖 हिंदी अर्थ
कि जब हम मर जाएँगें और (मरकर) मिट्टी (का ढ़ेर) और हड्डियाँ हो जाएँगें तो क्या हम फिर दोबारा (क्रबों से ज़िन्दा करके) निकाले जाएँगे

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَإِذَا مِتْنَا: क्या जब हम मर जाएँगे
  • وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا: और हम मिट्टी और हड्डियाँ बन जाएँगे
  • أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ: क्या हमें (दोबारा) उठाया जाएगा

तफसीर:

यह आयत उन काफिरों की बात बयान कर रही है जो आख़िरत के दिन को नहीं मानते थे। वे अत्यंत आश्चर्य और इनकार के साथ कहते थे: "क्या जब हम मर जाएँगे और हमारे शरीर मिट्टी में मिलकर बिखर जाएँगे, हमारी हड्डियाँ सड़-गलकर राख हो जाएँगी, तो क्या हमें दोबारा जीवित करके उठाया जाएगा?" वे इस बात को असंभव और नामुमकिन समझते थे, और इसे बड़े ही आश्चर्य और मज़ाक़ के अंदाज़ में कहते थे।

उनका यह कहना उनकी नासमझी और अहमकी को दर्शाता है। उन्होंने उस शक्ति को भुला दिया जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया। जो उन्हें पहली बार पैदा कर सकता है, क्या वह उन्हें दोबारा नहीं उठा सकता? यह उनकी सोच की कमी है कि वे अल्लाह की क़ुदरत को सीमित समझते हैं।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है — कि यह दुनिया कोई अंजाम नहीं है, बल्कि एक इम्तिहान की जगह है। जिस दिन हमारी आँखें बंद होंगी और हमें क़ब्र में रखा जाएगा, वह अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है। अल्लाह तआला जिसने हमें पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यह क़यामत का दिन हर उस इंसान के लिए इंसाफ़ का दिन होगा जिसने इस दुनिया में अच्छे या बुरे कर्म किए।

इसलिए हमें चाहिए कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। जो लोग आज इस पर शक करते हैं, वे कल जब इसका सामना करेंगे तो पछताएँगे, लेकिन पछताने का वक़्त नहीं मिलेगा। अल्लाह की क़ुदरत पर यक़ीन रखें, क्योंकि वह हर चीज़ पर क़ादिर है। यही ईमान हमें ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाता है और हमें अच्छे कामों की तरफ़ रहनुमाई करता है।



📜 आयत 80-84 — अल-मोमिनुन

80وَهُوَ الَّذِي يُحْيِي وَيُمِيتُ وَلَهُ اخْتِلَافُ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ ۚ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
और वही वह (ख़ुदा) है जो जिलाता और मारता है कि और रात दिन का फेर बदल भी उसी के एख्तियार में है तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
81بَلْ قَالُوا مِثْلَ مَا قَالَ الْأَوَّلُونَ
(इन बातों को समझें ख़ाक नहीं) बल्कि जो अगले लोग कहते आए वैसी ही बात ये भी कहने लगे
82قَالُوا أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ
कि जब हम मर जाएँगें और (मरकर) मिट्टी (का ढ़ेर) और हड्डियाँ हो जाएँगें तो क्या हम फिर दोबारा (क्रबों से ज़िन्दा करके) निकाले जाएँगे
83لَقَدْ وُعِدْنَا نَحْنُ وَآبَاؤُنَا هَٰذَا مِن قَبْلُ إِنْ هَٰذَا إِلَّا أَسَاطِيرُ الْأَوَّلِينَ
इसका वायदा तो हमसे और हमसे पहले हमारे बाप दादाओं से भी (बार हा) किया जा चुका है ये तो बस सिर्फ अगले लोगों के ढकोसले हैं
84قُل لِّمَنِ الْأَرْضُ وَمَن فِيهَا إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि भला अगर तुम लोग कुछ जानते हो (तो बताओ) ये ज़मीन और जो लोग इसमें हैं किस के हैं वह फौरन जवाब देगें ख़ुदा के
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीRevelation
82आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 82

सूरा अल-मोमिनुन आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जब हम मर जाएँगें और (मरकर) मिट्टी (का ढ़ेर)…

सूरा आयत 82/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए