अल-मोमिनुन · 88/118
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मोमिनुन
قُلْ مَن بِيَدِهِ مَلَكُوتُ كُلِّ شَيْءٍ وَهُوَ يُجِيرُ وَلَا يُجَارُ عَلَيْهِ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ۝٨٨
Qul mam bi yadihee malakootu kulli shai`inw wa Huwa yujeeru wa laa yujaaru `alaihi in kuntum ta`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो कि भला अगर तुम कुछ जानते हो (तो बताओ) कि वह कौन शख्स है- जिसके एख्तेयार में हर चीज़ की बादशाहत है वह (जिसे चाहता है) पनाह देता है और उस (के अज़ाब) से पनाह नहीं दी जा सकती

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • मलकूत: राज्य और सर्वोच्च अधिकार, जिसमें ताज़ीद (अतिशयोक्ति) का भाव हो, यानी पूर्ण स्वामित्व।
  • युजीर: शरण देता है, सुरक्षा प्रदान करता है, किसी को कष्ट से बचाता है।
  • ला युजारू अलैहि: उसके विरुद्ध किसी को शरण नहीं दी जा सकती, अर्थात उसके फैसले को कोई नहीं टाल सकता, और जिसे वह पकड़ना चाहे उसे कोई नहीं बचा सकता।

तफसीर (व्याख्या):

हे नबी! आप इन मुशरिकीन से पूछिए: "बताओ, किसके हाथ में हर चीज़ का पूर्ण राज्य और अधिकार है? वही जो हर चीज़ का मालिक है, जिसके हुक्म के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता। वही है जो अपने बंदों को शरण देता है, जो चाहे उसे हर बुराई और आफ़त से बचा लेता है। और जब वह किसी को सज़ा देना चाहे या उसे पकड़ना चाहे, तो कोई नहीं है जो उसके मुक़ाबले में किसी को शरण दे सके, कोई उसके फैसले को टाल नहीं सकता, और न ही कोई उसके अज़ाब से किसी को बचा सकता है। अगर तुम जानते हो, तो बताओ, यह सब किसके हाथ में है?"

यह सवाल उनके दिलों को झिंझोड़ने वाला है, क्योंकि वे खुद जानते हैं कि ये सारी क़ुदरतें सिर्फ़ अल्लाह ही की हैं। उनके बुत, उनके देवी-देवता, उनके बड़े-बुज़ुर्ग — इनमें से किसी के पास भी यह अधिकार नहीं है। यह सवाल उन्हें उनके अंदर की सच्चाई का आईना दिखाता है, ताकि वे अपने ज़मीर की आवाज़ सुनें और एक ही मालिक के आगे सर झुकाएँ।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम किसी मुसीबत में हों, किसी दुश्मन के डर से घिरे हों, या किसी बीमारी और परेशानी में हों, तो हमें सिर्फ़ उसी की तरफ़ रुजू करना चाहिए जिसके हाथ में सब कुछ है। वही सबसे बड़ा पनाह देने वाला है। जब पूरी दुनिया साथ छोड़ दे, तो उसकी रहमत का दामन थाम लो। और जब वह किसी की मदद करना चाहे, तो कोई उसे रोक नहीं सकता। यही हमारा ईमान है — कि हमारा रब सबसे बड़ा है, सबसे ताक़तवर है, और उसी पर हमारा भरोसा है। यही वह प्यारा रिश्ता है जो हमें हर मुश्किल में हिम्मत देता है, और हमें यक़ीन दिलाता है कि अल्लाह के सिवा कोई सहारा नहीं, और वही सबसे बेहतरीन सहारा है।



📜 आयत 86-90 — सूरा अल-मोमिनुन

86قُلْ مَن رَّبُّ السَّمَاوَاتِ السَّبْعِ وَرَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि सातों आसमानों का मालिक और (इतने) बड़े अर्श का मालिक कौन है तो फौरन जवाब देगें कि (सब कुछ) खुदा ही का है
87سَيَقُولُونَ لِلَّهِ ۚ قُلْ أَفَلَا تَتَّقُونَ
अब तुम कहो तो क्या तुम अब भी (उससे) नहीं डरोगे
88قُلْ مَن بِيَدِهِ مَلَكُوتُ كُلِّ شَيْءٍ وَهُوَ يُجِيرُ وَلَا يُجَارُ عَلَيْهِ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
(ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो कि भला अगर तुम कुछ जानते हो (तो बताओ) कि वह कौन शख्स है- जिसके एख्तेयार में हर चीज़ की बादशाहत है वह (जिसे चाहता है) पनाह देता है और उस (के अज़ाब) से पनाह नहीं दी जा सकती
89سَيَقُولُونَ لِلَّهِ ۚ قُلْ فَأَنَّىٰ تُسْحَرُونَ
तो ये लोग फौरन बोल उठेंगे कि (सब एख्तेयार) ख़ुदा ही को है- अब तुम कह दो कि तुम पर जादू कहाँ किया जाता है
90بَلْ أَتَيْنَاهُم بِالْحَقِّ وَإِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ
बात ये है कि हमने उनके पास हक़ बात पहुँचा दी और ये लोग यक़ीनन झूठे हैं
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीअवतरण स्थान
88आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 88

सूरा अल-मोमिनुन आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो कि भला अगर तुम कुछ…

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Saturday, October 3, 2026

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